लखनऊ। आईटीआई में 10 साल पुरानी मशीनों के पार्ट बदले जाएंगे। इसके बाद नए उपकरण के साथ विद्यार्थी वर्कशॉप में हिस्सा लेंगे। इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल, सिविल वेल्डर व अन्य कोर्स की पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा। इसके लिए संस्थान के प्रधानाचार्यों ने राज्य व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद को नए उपकरण की मांग का प्रस्ताव भेजा है।
आधुनिक तकनीकी की मांग के आधार पर साल दर साल आईटीआई पाठ्यक्रमों के विषयों में बदलाव हो रहे हैं, लेकिन यहां की प्रयोगशालाओं और वर्कशॉप में 10 से 15 साल पुराने उपकरणों के जरिए ही विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। नई तकनीक और बदलते स्वरूप को देखते हुए आईटीआई के प्रधानाचार्यों ने अब अलग-अलग कोर्सों की वर्कशॉप में उपयोग की जाने वाली मशीनें खरीदने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा है। व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद के अनुसार, प्रधानाचार्यों के प्रस्ताव पर शासन ने सहमति दे दी है। जल्द ही इसका लाभ विद्यार्थियों को मिलेगा।
चारबाग आईटीआई के प्रधानाचार्य चंद्रशेखर सिंह ने बताया कि संबंधित विषय के वर्कशॉप में बेसिक उपकरण पहले से उपलब्ध हैं। नई तकनीकी की मांग के आधार पर इलेक्ट्रिकल और अन्य कोर्स में नए उपकरण की आवश्यकता होती है। शासन को इस संबंध में जानकारी दी गई है। नए उपकरण के मिलने से वर्कशॉप की व्यवस्थाएं और बेहतर होंगी। उन्होंने बताया कि प्रयोगशालाओं में आधुनिक उपकरण होंगे तो विद्यार्थियों को बेहतर रोजगारपरक स्किल मिलेगी।