आयकर विभाग की बेनामी विंग ने ऑपरेशन पैंथर के तहत कार्रवाई करते हुए माफिया मुख्तार अंसारी की 1.50 करोड़ रुपये की बेनामी संपत्ति को जब्त किया है। राजधानी स्थित डालीबाग में मुख्तार के भाई अफजाल अंसारी के घर के सामने स्थित 3234 वर्ग फिट वाले रिहायशी भूखंड को गाजीपुर निवासी तनवीर सहर के नाम पर 76 लाख रुपये में खरीदा गया था। जिसकी वर्तमान में अनुमानित बाजार कीमत करीब 1.50 करोड़ रुपये है।
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सूत्रों के मुताबिक यह भूखंड पहले मुख्तार की पत्नी अफशा अंसारी के नाम से खरीदा गया था। वर्ष 2010 में इसे मुख्तार ने अपने करीबी गणेश दत्त मिश्रा को हस्तांतरित कर दिया। वर्ष 2014 में गणेश दत्त मिश्रा ने अंसारी परिवार के कुनबे से जुड़ी कंपनी आगाज प्रोजेक्ट एंड इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड के लिए 1.60 करोड़ रुपये का यूनियन बैंक ऑफ इंडिया से कर्ज लिया, जिसमें इस संपत्ति को बंधक रखा था। वर्ष 2020 में इस संपत्ति को गणेश दत्त मिश्रा ने गाजीपुर निवासी तनवीर सहर को बेच दिया।
आयकर विभाग ने जब इस संपत्ति के क्रय-विक्रय के दस्तावेजों की पड़ताल की तो सामने आया कि तनवीर सहर के नाम हुई सेल डीड में जिन चेकों का जिक्र किया गया था, वह कभी भुनाए ही नहीं गये। इससे पुष्टि हुई कि बिना कोई भुगतान किए इस संपत्ति को आनन-फानन में चेक के जरिए फर्जी भुगतान दर्शाकर तनवीर सहर को बेचा गया। माना जा रहा है कि मुख्तार ने सरकारी विभागों द्वारा की जा रही कार्रवाई के डर से यह संपत्ति तनवीर के नाम कर दी थी। आयकर विभाग ने इसे बेनामी संपत्ति एक्ट के तहत जब्त कर लिया है। बता दें कि इससे पहले आयकर विभाग गाजीपुर में मुख्तार की 1.25 करोड़ की संपत्ति को जब्त कर चुका है। यह संपति गणेश दत्त मिश्रा के नाम से खरीदी गयी थी। वहीं प्रवर्तन निदेशालय भी मुख्तार की 3.40 करोड़ की संपत्तियों को जब्त कर चुका है।