ईरान पर इस्राइल और अमेरिका के हमले के बीच अयोध्या के तीन संत अबू धाबी में फंस गए हैं। सोमवार को उनकी भारत वापसी की फ्लाइट निर्धारित थी, लेकिन हवाई सेवाओं पर पड़े प्रभाव के कारण उड़ान निरस्त कर दी गई।
दशरथ महल बड़ास्थान के महंत बिंदुगाद्याचार्य देवेंद्र प्रसादाचार्य, महंत सुदामा दास, कथा प्रवाचक रामशंकर दास शास्त्री, अधिवक्ता रामशंकर शुक्ल अबुधाबी निवासी अपने शिष्य के बुलावे पर पिछले 27 फरवरी को अयोध्या से गए थे। उन्हें सोमवार को अयोध्या वापस आना था लेकिन फ्लाइट निरस्त हो गई।
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महंत देवेंद्रप्रसादाचार्य ने दूरभाष पर बताया कि पिछले दो दिनों से माहौल सामान्य तो दिखता है, लेकिन समय-समय पर दूर से तेज धमाकों जैसी आवाजें सुनाई दे रही हैं, जिससे लोग सहमे हुए हैं। उन्होंने कहा, यहां सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है, लेकिन अनिश्चितता का वातावरण बना हुआ है। हम सभी शांति की प्रार्थना कर रहे हैं। यहां के लोगों को घरों से बाहर निकलने को मना किया गया है।
महंत ने कहा कि युद्ध किसी के हित में नहीं होता। पूरी दुनिया को शांति और संवाद का मार्ग अपनाना चाहिए। हम प्रभु से प्रार्थना करते हैं कि जल्द से जल्द हालात सामान्य हों और सभी सुरक्षित रहें।
युद्ध से कारोबार पर पड़ेगा असर
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव का असर कारोबार पर भी पड़ने की आशंका जताई जा रही है। आईआईए के उपाध्यक्ष धीरज राजपाल का कहना है कि आयात-निर्यात, तेल आपूर्ति और विमानन सेवाओं पर प्रभाव पड़ सकता है। यदि स्थिति लंबी चली तो अंतरराष्ट्रीय व्यापार और पर्यटन क्षेत्र पर दबाव बढ़ेगा।
उन्होंने बताया कि क्रूड ऑयल महंगा हो रहा है, इसे पैकेजिंग खाद्य पदार्थों के दाम बढ़ जाएंगे। तेल की आपूर्ति रुकी तो ट्रांसपोर्ट नहीं होंगे, इससे कारोबार प्रभावित होगा। इराक-ईरान से खजूर व ड्राई फ्रूटस आते हैं, इनके भी दाम बढ़ जाएंगे।