अधिकारियों ने बताया कि एक कंपनी पिछले कुछ साल के दौरान 150 करोड़ रुपये से ज्यादा के लेन-देन का खाता प्रस्तुत नहीं कर पाई। पता चला कि मुखौटा कंपनियों का इस्तेमाल बेनामी कमाई को ठिकाने लगाने और निवेश के लिए किया जा रहा था। ऐसे 12 करोड़ के फर्जी निवेश का पता चला है। एक अन्य मुखौटा कंपनी में 11 करोड़ के अपरिभाषित निवेश और 3.5 करोड़ रुपये की बेनामी संपत्ति का पता चला।
इन सपा नेताओं के यहां पड़े थे छापे
सपा से जुड़े सूत्रों ने बताया कि उसके प्रवक्ता राजीव राय, अखिलेश यादव के ओएसडी जितेंद्र यादव, कारोबारी राहुल भसीन, ठेकेदार मनोज यादव के ठिकानों पर छापे मारे गए। राय ने आरोप लगाया था कि ये छापे राजनीति से प्रेरित हैं।