प्रदेश में राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना में बड़े पैमाने पर घपले मिल रहे हैं। चित्रकूट में नियम विरुद्ध ढंग से योजना का लाभ पाने वालों से रिकवरी के आदेश दिए गए हैं। वहीं, बलरामपुर में एसडीएम को जांच सौंपी गई है। योजना में परिवार के कमाऊ मुखिया का निधन होने पर आश्रितों को एकमुश्त 30 हजार रुपये देने का प्रावधान है।
बशर्ते, परिवार गरीबी रेखा से नीचे हो और मुखिया की उम्र 18 साल से अधिक व 60 वर्ष से कम हो। अमर उजाला में कुछ मामले प्रकाशित होने के बाद समाज कल्याण निदेशालय ने इनकी जांच कराई। चित्रकूट में हुई जांच में सामने आया कि यहां वर्ष 2019-20 में 72 साल के शंकरलाल की मौत होने पर उनकी पत्नी बुधिया को इस योजना के तहत भुगतान किया गया।
इसी तरह 65 वर्ष के प्रेमसागर का निधन होने पर उनकी पत्नी रमाकांती को रकम दी गई। सूत्रों का कहना है कि अगर इसी जिले में अन्य लाभार्थियों की जांच करा ली जाए तो बड़े पैमाने पर घपले का खुलासा होगा। चित्रकूट की समाज कल्याण अधिकारी ने बताया कि शंकरलाल और प्रेमसागर के परिजनों को धन वापस करने के लिए नोटिस दिया गया है। उम्र संबंधी गलत रिपोर्ट लगाने वाले राजस्व कर्मियों पर कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन को लिखा गया है।