लखनऊ। सीएमओ के अधीन कार्यरत 11 डॉक्टरों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। आरोप है कि ये डॉक्टर अकसर केंद्रों से गैरहाजिर रहते हैं या कामकाज में लापरवाही बरतते हैं। कई नोटिस देने के बाद भी सुधार न होने पर विभाग ने इन्हें बाहर करने का निर्णय लिया है। इसके लिए डीएम की अध्यक्षता में चार सदस्यीय कमेटी गठित की गई है।
कमेटी में मुख्य विकास अधिकारी, कोषाधिकारी, चिकित्सा अधीक्षक व अपर मुख्य चिकित्साधिकारी (आरसीएच) को शामिल किया गया है।सभी डॉक्टरों को 20 अगस्त को कमेटी के सामने पेश होकर पक्ष रखना होगा। संतोषजनक जवाब न मिलने पर इनकी संविदा समाप्त कर दी जाएगी। सीएमओ डॉ. एनबी सिंह ने बताया कि 11 डॉक्टरों के अलावा दो कर्मचारियों का मामला भी कमेटी के सामने रखा जाएगा।
जांच में सामने आए आरोप
सीएमओ के अधीन संचालित 108 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर व 54 पीएचसी में वॉक इन इंटरव्यू के जरिये डॉक्टरों को तैनात किया गया है। इनमे से सात डॉक्टर केंद्रों से बार-बार गायब मिले। दो की कार्यशैली में गंभीर खामियां पाई गईं। एक डॉक्टर लंबे समय से अनुपस्थित है।एक अन्य डॉक्टर पर विशाखा कमेटी की जांच चल रही है।
इन डॉक्टरों पर कार्रवाई तय
डॉ. शीतल सोनकर, डॉ. शिल्पी गुप्ता, डॉ. अभय नारायण यादव, डॉ. अभिषेक सिंह, डॉ. देवांश सिंह, डॉ. सुभाष सिंह, डॉ. कीर्ति राय, डॉ. मोहसिन रजा, डॉ. नीलम गंगवार, डॉ. मुस्तकुल आफरीन कुरैशी, डॉ. जिगनेश मिश्रा। साथ ही कर्मचारी सरिता कुमारी व विवेक नवल मिश्रा भी रडार पर हैं।