लखनऊ को वाणिज्य कर भवन के पांचवें तल पर 14 जून को लगी आग की जांच में भी खेल किया गया। डिप्टी कमिश्नर (प्रशासन) अनिल कुमार ने अपनी जांच रिपोर्ट में सिर्फ चौकीदार संगम लाल को दोषी करार दिया है।
रिपोर्ट में कहा गया कि चौकीदार की लापरवाही से आग लगी। यही नहीं उसके खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश भी की गई है। अनिल कुमार वही अफसर हैं जिनपर आरोप लगा था उनकी और नाजिर आरके पाल की साठगांठ से पंचम तल पर अवैध रूप से कटिया के जरिये एयरकंडीशनर चलवाया जा रहा था।
जांच रिपोर्ट में बताया गया कि आग शॉर्ट सर्किट से लगी। पर, सेक्टर 14, 15 व 16 में जले दस्तावेजों के लिए अनिल कुमार ने चौकीदार संगम गौड़ दोषी बताया। इसी से जांच पर संदेह पैदा होता है।
आग में टाइल्स, मार्बल की टैक्स चोरी, सेनेटरी की फर्जी फर्म और एनआरएचएम घोटाले से जुड़ी फाइलें जलने से साजिश की आशंका बढ़ने के बावजूद शासन एवं वाणिज्य कर मुख्यालय ने अपने स्तर से कमेटी बनाकर जांच न कराने के बजाय उसी अफसर से रिपोर्ट मांगी, जिनपर अंगुली उठ रही थी।
इससे यह भी सवाल उठ रहा है कि कहीं मुख्यालय के अफसरों से साठगांठ करके चौकीदार पर कार्रवाई कराकर मामले को ठंडे बस्ते में डालने की कोशिश तो नहीं की जा रही।
बहरहाल बुधवार को लखनऊ जोन के रेंज एक के नवनियुक्त एडिशनल कमिश्नर बीडी द्विवेदी व अन्य अफसरों ने निरीक्षण किया। एडिशनल कमिश्नर पांचवें तल पर लगी आग से जले दस्तावेजों पर यहां करीब 30 मिनट तक चर्चा करने के बाद लौट गए। बाद में डिप्टी कमिश्नर (प्रशासन) अनिल कुमार ने उन्हें अग्निकांड की जांच रिपोर्ट सौंपी।