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NTPC हादसे की उच्चस्तरीय तकनीकी जांच शुरू, अफसरों के चेहरे की हवाइयां उड़ी

Sun, 05 Nov 2017 02:14 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ/रायबरेली
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हादसे के बाद का एक दृश्य।
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बॉयलर की गुणवत्ता खराब थी या हॉपर (पाइप) गड़बड़ था। कहीं कोयले की क्वालिटी तो खराब नहीं थी या फिर अधिकारियों के सिस्टम संचालन में गड़बड़ी थी। यही नहीं, मशीनों के रेड सिग्नल देने के बाद यूनिट को चलाए तो नहीं रखा गया। इन सब बिंदुओं के साथ कई अन्य पहलुओं की दिल्ली से आई एनटीपीसी टीम ने शनिवार को पड़ताल शुरू की।
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टीम ने हादसे वाली यूनिट नंबर छह का बारीकी से परीक्षण किया। इस दौरान स्थानीय प्रबंधन से जवाब-तलब भी किया जाता रहा। टीम के एनटीपीसी में डेरा डालने से यहां के अधिकारियों के चेहरों पर हवाइयां उड़ रही हैं। एनटीपीसी के अधिशासी निदेशक एसके राय, एनपीईसीएल के अधिकारी एके समायर और महाप्रबंधक यांत्रिक उदयन कुमार की टीम ने एनटीपीसी पहुंचकर यूनिट छह में हुए हादसे की पड़ताल शुरू की। इन अधिकारियों ने पहले दिन यह खोजने का प्रयास किया कि आखिर धमाका हुआ क्यों।

जांच टीम ने सवाल उठाया कि किस उपकरण की वजह से ऐसा हुआ। इस संबंध में टीम ने यूनिट से जुडे़ अधिकारियों से बातचीत की और किए गए सवालों के जवाब नोट किए। स्थानीय इंजीनियरों, टेक्नीशियनों और मजदूरों से भी प्लांट की स्थिति के बारे में जानकारी ली। उनसे यह भी पूछा कि हादसे के कुछ घंटे या एक-दो दिन पहले से क्या वे कोई तकनीकी दिक्कत या खामी महसूस कर रहे थे।
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टीम ने यूनिट के विस्फोट स्थल के साथ उन स्थानों का बारीकी से जायजा लिया जहां से लोहे के टुकड़े हवा में उड़कर गए थे। टीम के सदस्यों ने इस बात की पड़ताल की कि क्या वास्तव मेें हादसे से पहले मशीनों ने रेड सिग्नल दिया था। ऐसा तो नहीं है कि अधिकारियों ने सब कुछ जानते हुए भी लापरवाही बरती।
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जांच जल्द पूरी करने का है दबाव

- फोटो : amar ujala
एक नवंबर को दिन में करीब 3:30 बजे एनटीपीसी, ऊंचाहार की यूनिट संख्या-6 में बॉयलर की फ्लो गैस डक्ट फंस जाने से भीषण दुर्घटना हुई थी। इसमें जान-माल का काफी नुकसान हुआ। हादसे की जांच पूरी करने के लिए कमेटी को एक महीने का समय दिया गया है, पर उस पर जांच जल्द पूरी करने का काफी दबाव है। ताकि, ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो और दोषी कर्मचारियों, अधिकारियों और अभियंताओं के खिलाफ कार्रवाई भी की जा सके।

पीड़ितों की मदद के लिए एक दिन का वेतन देंगे एनटीपीसी कर्मी
एनटीपीसी के उत्तरी क्षेत्र के प्रवक्ता ने बताया कि इस हादसे में पीड़ित लोगों की मदद के लिए एनटीपीसी की सभी यूनिटों के कार्मिक अपना एक दिन का वेतन देंगे। यह राशि करीब छह करोड़ रुपये होगी।

जांच शुरू हो गई है, सच्चाई सामने आएगी: जीएम
एनटीपीसी के महाप्रबंधक आरके सिन्हा ने अमर उजाला को बताया कि जांच टीम आ गई है। यूनिट नंबर छह में किन कारणों से हादसा हुआ। इसकी जांच शुरू हो गई है। हादसे के बाद से एनटीपीसी की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। जांच पूरी होने के बाद ही सच्चाई सामने आ सकेगी।

अब तक 25 घायलों को एयर एम्बुलेंस से भेजा गया दिल्ली
एनटीपीसी प्रवक्ता के मुताबिक, हादसे में घायल हुए 25 लोगों को अभी तक एयर एम्बुलेंस से दिल्ली के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
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