उत्तर प्रदेश में ओवरलोड वाहनों से होने वाली वसूली के मामले में एसटीएफ की कार्रवाई के बीच परिवहन विभाग ने भी विभागीय जांच शुरू कर दी है। जांच के रडार पर सिंडिकेट से जुड़े पूर्व अफसर भी हैं। ऐसे में उन्होंने लखनऊ की दौड़ लगानी शुरू कर दी है। बचत की जुगत भी लगा रहे हैं। मंत्रियों से मिल रहे हैं तथा लखनऊ में ही डेरा डाले हुए हैं।
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बता दें कि ओवरलोडिंग वाहनों से वसूली का खेल काफी पुराना है। लेकिन यह 2022 में बंद हो गया था। इसे एक जोनल स्तर के अफसर ने दोबारा शुरू करवाया था। सिपाहियों से लेकर आला अफसर तक इस रैकेट में शामिल हैं।
उप्र ऑटो लोडर संयुक्त कल्याण समिति ने भी वसूली को लेकर अफसरों पर गंभीर आरोप लगाए थे। समिति ने मांग की थी कि लखनऊ और संभाग में तैनात रहे पुराने अधिकारियों के कार्यकाल की भी जांच की जाए। इस संबंध में परिवहन मंत्री से मुलाकात कर ज्ञापन भी सौंपा गया था।