लखनऊ। केजीएमयू में नर्सिंग भर्ती मामले की शिकायतों की जांच शुरू हो गई है। एसटीएफ की टीम केजीएमयू से जरूरी दस्तावेज जुटा रही है। हालांकि, मामले को पूरी तरह गोपनीय रखा गया है।
केजीएमयू नर्सिंग ऑफिसर भर्ती 2023 के मामले को लेकर जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री से शिकायत की है। विधायक राकेश प्रताप सिंह, निवर्तमान विधायक रवि, एमएलसी शैलेंद्र प्रताप सिंह सहित कई जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया गया था कि 1,276 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी हुआ। विज्ञापन के बाद चयन प्रक्रिया के मध्य में परिवर्तन करते हुए परीक्षा को ओएमआर आधारित मैनुअल प्रणाली से कराया गया। यह नियमों के विपरीत है। यह भी आरोप लगाया था कि उत्तर प्रदेश के अभ्यार्थियों को नजरअंदाज करके राजस्थान के लोगों का चयन किया गया। सूत्रों का कहना है कि शासन से इन शिकायतों की जांच के आदेश दिए गए हैं।
रक्षाबंधन पर्व से ठीक पहले एक टीम केजीएमयू पहुंची थी। रजिस्ट्रार कार्यालय के साथ ही कलाम सेंटर स्थित डीन कार्यालय में भी गई। टीम ने पूरे मामले में जरूरी दस्तावेज भी मांगे थे। मंगलवार को एक टीम फिर केजीएमयू पहुंची। इस टीम ने भर्ती प्रकरण से जुड़े दस्तावेज मांगे हैं। साथ ही पूरी प्रक्रिया की भी जानकारी ली है। इस संबंध में केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ. केके सिंह का कहना है कि एसटीएफ की टीम उनसे व्यक्तिगत रूप से मिलने आई थी। किसी जांच के संबंध में नहीं आई थी।