फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गोमती रिवर फ्रंट जांच रिपोर्ट: पता ही नहीं चला कहां गए 100 करोड़ रुपये

Thu, 15 Jun 2017 02:12 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
गोमती रिवर फ्रंट - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
1500 करोड़ की गोमती रिवर फ्रंट परियोजना के सेंटेज चार्ज में ही 100 करोड़ रुपये का घपला किया गया। न्यायिक जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इस रकम का पता ही नहीं चल रहा है।
विज्ञापन


यही नहीं समिति ने इसे अनियमितता करार देते हुए इसके लिए सिंचाई विभाग के तत्कालीन अधिशासी अभियंता रूप सिंह यादव को जिम्मेदार ठहराया है। रूप सिंह यादव ही इस परियोजना को बतौर एक्सईएन देख रहे थे।

रिपोर्ट में कहा गया है कि नियमानुसार इस परियोजना पर होने वाले खर्च का 6.875 फीसदी हिस्सा बतौर सेंटेज चार्ज ट्रेजरी चालान या ई-पेमेंट के माध्यम से सरकारी खजाने में जमा किया जाना चाहिए था, पर ऐसा नहीं किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

1513.51 करोड़ रुपये था गोमती रिवर फ्रंट का बजट

- फोटो : amar ujala
पुनरीक्षित गोमती रिवर फ्रंट परियोजना का स्वीकृत बजट 1513.51 करोड़ रुपये है। परियोजना मार्च 2015 में शुरू हुई थी।

जांच समिति ने कहा है कि रूप सिंह यादव शुरुआत से लेकर 31 दिसंबर 2016 तक इस परियोजना के अधिशासी अभियंता के रूप में संबद्ध थे।

उनके कार्यकाल में नियमानुसार सेंटेज चार्ज जमा नहीं किया गया, जबकि ऐसा न करने के कोई मौखिक या लिखित आदेश नहीं थे। इस परियोजना में पहली बार जनवरी 2017 में मौजूदा अधिशासी अभियंता ने 14.42 करोड़ रुपये सेंटेज चार्ज के तौर पर जमा किए, जो उनके कार्यकाल में हुए कामों से संबंधित था।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें