1500 करोड़ की गोमती रिवर फ्रंट परियोजना के सेंटेज चार्ज में ही 100 करोड़ रुपये का घपला किया गया। न्यायिक जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इस रकम का पता ही नहीं चल रहा है।
यही नहीं समिति ने इसे अनियमितता करार देते हुए इसके लिए सिंचाई विभाग के तत्कालीन अधिशासी अभियंता रूप सिंह यादव को जिम्मेदार ठहराया है। रूप सिंह यादव ही इस परियोजना को बतौर एक्सईएन देख रहे थे।
रिपोर्ट में कहा गया है कि नियमानुसार इस परियोजना पर होने वाले खर्च का 6.875 फीसदी हिस्सा बतौर सेंटेज चार्ज ट्रेजरी चालान या ई-पेमेंट के माध्यम से सरकारी खजाने में जमा किया जाना चाहिए था, पर ऐसा नहीं किया गया।