आयुष दाखिला हेराफेरी मामले में आरोपियों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की गई जिसमें आरोपियों ने एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए। पूछताछ के बाद दोनों को जेल भेज दिया गया।
{{#eligible}}
सभी खबरें बिना रुकावट पढ़ने के लिए
अमर उजाला एप डाउनलोड करें
आयुष दाखिला हेराफेरी में एसटीएफ ने आयुर्वेद के पूर्व निदेशक एसएन सिंह व काउंसिलिंग एजेंसी के वेंडर कुलदीप वर्मा का आमना-सामना कराया। एसटीएफ ने कुलदीप से पूछा कि सिंह के कहने पर कितने दाखिले कराए।
विज्ञापन
उसके जवाब पर सिंह ने असहमति जताई तो जांच एजेंसी के सामने ही दोनों आरोप-प्रत्यारोप लगाने लगे। कुलदीप से सिंह को दिए गए उपहारों व पार्टियों की जानकारी भी ली गई। यह भी बताया कि सिंह ने ली गई गाड़ियां और फ्लाइट की टिकटें आदि कब बुक कराईं।
इसी तरह कुलदीप का काउंसिलिंग के प्रभारी उमाकांत से भी सामना कराया गया। कुलदीप ने बताया कि उमाकांत ने किस तरह पूरे खेल में सहयोग किया। पूछताछ के बाद एसटीएफ ने सभी को वापस जेल भेज दिया।