लखनऊ। शासन के आदेश पर एलडीए ने गोमतीनगर में भूखंड नंबर की गड़बड़ी मामले की जांच शुरू कर दी है। सोमवार को टीम ने मौके पर जाकर पैमाइश की, जिसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। इस गड़बड़ी को लेकर अमर उजाला ने शनिवार को खबर भी प्रकाशित की थी।
गोमतीनगर के विजय खंड का यह मामला तब सामने आया, जब दो सप्ताह पहले एलडीए ने एक भूखंड पर किए जा रहे निर्माण को सील कर दिया। इस पर आवंटी ने शिकायत की है कि उसका भूखंड नंबर ए-27 है और कार्रवाई भूखंड संख्या ए-26 बताकर की जा रही है। उसकी भूखंड ए-27 की ही रजिस्ट्री है, जिस पर एलडीए ने करीब तीन महीने पहले मानचित्र भी पास किया है। यदि भूखंड संख्या को लेकर गड़बड़ी थी तो नक्शा कैसे पास कर दिया गया?
एलडीए ने फरियाद को अनसुना कर दिया तो आवंटी ने प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री संजय प्रसाद से इसकी शिकायत की। इसके बाद शासन ने जांच के आदेश दिए गए। सोमवार को जोनल अधिकारी संगीता राघव ने टीम के साथ मौके पर जाकर जांच की। भूखंडों की पैमाइश भी नक्शे के हिसाब से की गई। प्राथमिक तौर पर भूखंड नंबरिंग का मामला पाया गया है।
पहले भी सामने आ चुका है ऐसा मामला
चार महीने गोमतीनगर विस्तार में भी भूखंड के नंबर की गड़बड़ी का मामला सामने आया था। इसमें एलडीए ने आवंटी के घर पर बुलडोजर चला था, जबकि उसने बैंक से नीलामी में मकान खरीदा था और एलडीए से मानचित्र भी पास कराया था। मामले की जांच में एलडीए की गलती सामने आई थी और फिर एलडीए ने उसे दूसरा प्लॉट देने का प्रस्ताव दिया था।