लखनऊ। दुबग्गा के महिपतमऊ में मार्फीन फैक्टरी पकड़े जाने के बाद एएनटीएफ आरोपी जुहेल और दिल्ली में वांछित रह चुके बबलू के कनेक्शन की जांच कर रही है। दोनों के ठिकानों से करीब छह किलो मार्फीन बरामद होने की बात सामने आई है। जांच में नेपाल के रास्ते मार्फीन की तस्करी और जेल में बंद मुरादाबाद निवासी पिंकू की भूमिका भी खंगाली जा रही है। एएनटीएफ ने जुहेल के पास मिले छह मोबाइल फोन भी दुबग्गा पुलिस से अपने कब्जे में ले लिए हैं।
पुलिस ने सोमवार रात जुहेल के तीन मंजिला मकान पर छापा मारकर उसे और उसके साथी अमजद को गिरफ्तार किया था, जबकि चार अन्य आरोपी भाग निकले थे। सूत्रों के मुताबिक, एएनटीएफ भागे चल रहे अनस, मांज, सुहैल और एक अन्य आरोपी की तलाश में जुटी है। उनकी लोकेशन हरदोई, बाराबंकी और रायबरेली में मिली है। आरोपी लगातार ठिकाने बदल रहे हैं।
एएनटीएफ दिल्ली की जेल में बंद बबलू को रिमांड पर लेकर पूछताछ की तैयारी कर रही है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि जुहेल, बबलू और पिंकू के बीच क्या संबंध है और नेपाल के रास्ते मार्फीन की आपूर्ति कौन करता था। साथ ही, पिंकू के नेटवर्क से जुहेल तक हेरोइन बनाने में इस्तेमाल होने वाला रसायन एसिटिक एनहाइड्राइड पहुंचाने वाले व्यक्ति की भी तलाश की जा रही है।
400 मोबाइल नंबरों की जांच
जुहेल के छह मोबाइल फोन में मिले करीब 400 नंबरों की पड़ताल की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, इनमें कई नंबर मार्फीन के डीलरों और सप्लायरों के हैं। एएनटीएफ इन संपर्कों के जरिए तस्करी के नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
पंजाब, हरियाणा और दिल्ली तक फैला नेटवर्क
जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, मार्फीन और हेरोइन की सप्लाई का नेटवर्क लखनऊ और आसपास के जिलों के अलावा पंजाब, हरियाणा और दिल्ली तक फैला था। इन राज्यों में होने वाली रेव पार्टियों में मादक पदार्थों की मांग के चलते वहां सप्लाई की जाती थी। सबसे अधिक मार्फीन पंजाब भेजे जाने की बात सामने आई है।
जानकीपुरम से पकड़ा गया था बबलू
कुछ दिन पहले दिल्ली पुलिस ने एक मामले में वांछित बबलू को जानकीपुरम की सीता विहार कॉलोनी स्थित मकान से गिरफ्तार किया था। आरोप है कि वह वहां मार्फीन बनाने की फैक्टरी चला रहा था। मकान से बरामद मार्फीन की कीमत करीब 50 करोड़ रुपये बताई गई थी। गिरफ्तारी के बाद दिल्ली पुलिस उसे अपने साथ ले गई थी।