लखनऊ। महानगर में श्री रामलीला समिति की ओर से बुधवार को 61वें रामलीला महोत्सव का शुभारंभ हुआ। गणेश पूजन और मंगलाचरण के साथ शुरू हुए सात दिवसीय महोत्सव के पहले दिन भगवान राम के जन्म और ताड़का वध के प्रसंगों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। राम जन्मोत्सव के दौरान ‘जन्मे राम रघुरय्या, अवध में बाजे बधइया’ की धुन गूंजते ही पूरा पंडाल तालियों और जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा।
मंचन में दशरथ-वशिष्ठ संवाद, राम जन्मोत्सव, सीता जन्मोत्सव, दशरथ-विश्वामित्र संवाद, ताड़का वध, अहिल्या उद्धार, विश्वामित्र-जनक संवाद, पुष्प वाटिका और गौरी पूजन के प्रसंग प्रस्तुत किए गए। राम के एक ही बाण से ताड़का के वध का दृश्य देखकर दर्शकों ने तालियां बजाईं। मानस की चौपाइयों के गायन से रामलीला परिसर भक्तिमय हो गया। बृहस्पतिवार को रात आठ बजे धनुष यज्ञ, लक्ष्मण-परशुराम संवाद, कैकेयी-मंथरा संवाद और कैकेयी-दशरथ संवाद का मंचन किया जाएगा। इससे पूर्व समिति के अध्यक्ष ललित मोहन जोशी, मुख्य संयोजक दीपक पांडे दीनू, विनोद पंत बीनू, वरिष्ठ पदाधिकारियों अनिल जोशी, बृजेश मेहता और नीरद लोहानी सहित अन्य सदस्यों ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया। इसके बाद दीप प्रज्ज्वलित कर महोत्सव का औपचारिक शुभारंभ किया गया।
इन कलाकारों ने निभाए किरदार
राम की भूमिका यशी लोहुमी, लक्ष्मण की फाल्गुनी लोहुमी, दशरथ की कुणाल पंत, कौशल्या की भारती जोशी कांडपाल, कैकेयी की आशा रावत, सुमित्रा की श्वेता भटनागर, वशिष्ठ की हरीश उपाध्याय, विश्वामित्र की मनीष उपाध्याय, ताड़का की कृतिका श्रीवास्तव और सीता की भूमिका अनुराधा मिश्रा ने निभाई।
महानगर की रामलीला में राम लीला का मंचन का कलाकार
महानगर की रामलीला में राम लीला का मंचन का कलाकार
महानगर की रामलीला में राम लीला का मंचन का कलाकार
महानगर की रामलीला में राम लीला का मंचन का कलाकार