इंडियन मुजाहिदीन के फरार आतंकियों के यूपी में कहीं पनाह लेने के अंदेशे ने जांच एजेंसियों के होश उड़ा रखे हैं।
एटीएस जैसी सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों ने पुलिस के आला अफसरों से यूपी-नेपाल सीमा पर अतिरिक्त सतर्कता व चौकसी कराने का आग्रह किया है।
पिछले दिनों एनआईए ने इंडियन मुजाहिदीन के 15 आतंकियों का ब्यौरा जारी करते हुए यूपी समेत कई अन्य राज्यों से उनकी तलाश में अलर्ट रहने को कहा था।
एनआईए ने जिन आतंकियों का ब्यौरा जारी किया, उनमें से पांच यूपी के आजमगढ़ जिले के रहने वाले हैं। इसके अलावा दो अन्य के पूर्वांचल के जिलों में नजदीकी संपर्क होने की बात पहले ही सामने आ चुकी है।
इस बार एटीएस व स्टेट इंटेलीजेंस के सामने समस्या दूसरी है। कुछ दिन बाद गणतंत्र दिवस है, साथ ही मकर संक्रांति और बारावफात एक ही दिन पड़ने की संभावना से भी स्थिति की गंभीरता बढ़ रही है।
केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने इन आतंकियों के नेपाल सीमा पार करने अथवा पूर्वांचल में छिप सकने की आशंका भी जताई थी।
एनआईए के अधिकारियों के मुताबिक उन्होंने यूपी समेत कई अन्य राज्यों को भी इसके लिए नोटिस देकर अलर्ट रहने को कहा है।
एनआईए द्वारा जारी आतंकियों की सूची में डॉ. शहनवाज आलम, आरिज खान उर्फ जुनैद, मोहम्मद साजिद उर्फ बड़ा साजिद, मोहम्मद खालिद और मिर्जा शादाब बेग सभी आजमगढ़ के रहने वाले हैं।
इन सभी की गिरफ्तारी पर दो लाख या उससे अधिक का इनाम है। इसके साथ ही फरार आतंकियों में से कुछ के पूर्वांचल के मऊ व भदोही तथा आस-पास के जिलों में संपर्क होने की सूचना है।
ऐसे में अगर ये आतंकी यूपी में ही पनाह लेते हैं तो एटीएस, राज्य खुफिया एजेंसी और पुलिस के सामने उन्हें पूर्वांचल व यूपी-नेपाल सीमा पर तलाशने के साथ ही इन जगहों पर सतर्कता बनाए रखने की चुनौती है।
एसटीएफ को भी सतर्क रहने के लिए ताकीद करने और पूर्वांचल के कुछ ‘खास’ जिलों में अतिरिक्त चौकसी बरतने के निर्देश देने की बात हुई।
हालांकि, अधिकारी औपचारिक तौर पर प्रदेश में किसी घटना होने के बारे में केंद्रीय खुफिया एजेंसियों का इनपुट न होने की बात कर रहे हैं, लेकिन वे यह भी कह रहे हैं कि राज्य पुलिस व जांच एजेंसियां सतर्क हैं।