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जब कैकेई बोलीं, ‘सेंड राम टु फॉरेस्ट’

Sat, 21 Feb 2015 04:50 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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सीन 1: कोप भवन में बैठी कैकेई को देखकर दशरथ ने तराना छेड़ा ‘प्रेम कहानी में...एक लड़का होता है, एक लड़की होती है...’।
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लेकिन कैकेई का गुस्सा कम नहीं हुआ। दशरथ ने कारण पूछा तो कैकेयी बोली ‘...सेंड राम टु फॉरेस्ट एण्ड गिव गद्दी टू भरत (राम को वनवास और भरत को राजगद्दी दीजिए...)’ इतना सुनते ही दशरथ राम का नाम लेते हुए गिर पड़े...।

सीन 2: ‘लॉर्ड राम आई हैव सीन द मिरेकल ऑफ योर फीट...प्लीज लेट मी वॉश इट फर्स्ट (प्रभू मैंने आपके चरणों का चमत्कार देखा है, कृपया अपने चरण मुझे धुलने दीजिए...)’ केवट के इस आग्रह पर प्रभू राम ने कहा ‘एज योर विश... (जैसी तुम्हारी इच्छा)’
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ये सीन किसी अंग्रेजी धारावाहिक के नहीं, बल्कि उस रामलीला के हैं, जिसे सात समंदर पार से आई त्रिनिदाद एण्ड टुबैगो (कैरेबियाई देश) की मंडली ने शुक्रवार को पर्यटन भवन प्रेक्षागृह में मंचित किया।

रामलीला भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद और अयोध्या शोध संस्थान की ओर से आयोजित अंतरराष्ट्रीय रामलीला महोत्सव के तहत हुआ। लखनऊ के अलावा फैजाबाद में भी त्रिनिदाद एंड टुबैगो, फिजी और कम्बोडिया की टीम रामलीलाएं करेंगी।
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त्रिनिदाद से आए 13 सदस्य

त्रिनिदाद से आए 13 सदस्यीय दल ने राम के राज्याभिषेक से लेकर रावण दहन तक की कहानी को मंच पर उतारा।

खास बात यह रही कि रामलीला के संवाद भले ही अंग्रेजी में रहे हों, लेकिन बीच-बीच में हिंदी व भोजपुरी के संवादों और गानों ने आकर्षण बढ़ा दिया।
 
कलाकार जहां किरदार की गहराई में उतरकर अभिनय करते दिखे। वहीं दृश्यों में इस्तेमाल डिस्को म्यूजिक भी खास रहा।

हालांकि, निर्देशन के स्तर पर कसावट की कमी नजर आई। लेकिन सात समंदर पार रामलीलाओं को जिंदा रखने की प्रबल भावना ने कमियों को दूर कर दिया।

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