सिटी मॉन्टेसरी स्कूल में चल रहे अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में सर्वश्रेष्ठ फिल्मों को पुरस्कृत किया गया। ये पुरस्कार कई श्रेणियों में दिए गए।
महोत्सव में सर्वश्रेष्ठ बाल फिल्म की श्रेणी में पहला पुरस्कार मिकोलॉज हार्मेस्की निर्देशित पोलैंड की बाल फिल्म ‘गैबरील’ को मिला।
पुरस्कार स्वरूप तीन लाख रुपये प्रदान किए गए। दूसरा पुरस्कार वियतनाम की फिल्म ‘कोन ऑफ स्प्रिंग’ को मिला। पुरस्कार स्वरूप एक लाख रुपये दिए गए।
एनिमेशन फिल्मों की श्रेणी में शिल्पा रनाडे की ‘गोपी गवैया बाघ बजैया’ को सर्वश्रेष्ठ एनिमेशन फिल्म का पुरस्कार दिया गया। निर्देशक व निर्माता को पुरस्कार स्वरूप दो लाख रुपये दिए गए।
‘दिव्यांश’ को बेस्ट शॉर्ट एनिमेशन फिल्म अवॉर्ड से नवाजा गया, जबकि बेस्ट शार्ट फिक्शन बाल फिल्म का अवॉर्ड ‘द डोर’ को दिया गया।
इसी कड़ी में हंगरी की बाल फिल्म ‘रैबिट एंड डियर’ को डॉ. जगदीश गांधी स्पेशल ज्यूरी अवॉर्ड से नवाजा गया। पुरस्कार स्वरूप एक लाख रुपये दिए गए।
बाल एनिमेशन फिल्म ‘हनुमान चालीसा’ को भारती गांधी ऑडियन्स अवॉर्ड व एक लाख रुपये से नवाजा गया।
क्रोएशिया की बाल फिल्म ‘द मिस्टीरियस ब्वॉय’, जर्मनी की बाल फिल्म ‘ओह शीप’ एवं बेल्जियम की बाल फिल्म ‘मलाकिम’ को भी सम्मानित किया गया।
महोत्सव में सर्वश्रेष्ठ फिल्मों का चयन सर्बिया के स्टीफन आर्सेनिजेविक, स्वीडन के फ्रेडरिक ओलरस्टैम, बैंगलोर के रिकी केज, कोलकाता के मलय भट्टाचार्या व ज्यूरीपर्सन बी लेनिन शामिल थे।