समाज से अलग दुनिया में रहकर अपनी व्यथा को बताने के लिए डोम पहलवान नाटक का मंचन 14 अप्रैल को किया जाएगा।
नाटक के माध्यम से लोगों को ये संदेश देने का प्रयास किया जाएगा कि कैसे समज से अलग होकर जीवन यापन करने वाला डोम समाज किस परिस्थिति से होकर गुजर रहा है।
कभी रोजी रोटी तो कभी सम्मान पाने के लिए उसको दर-दर की ठोकरे खानी पड़ रही हैं।
रामचंद्र पटेल ने बताया कि बताया कि बाबा साहब की जयंती पर इस नाटक का मंचन होगा।