लखनऊ। पारा की पश्चिम विहार कॉलोनी निवासी डॉ. कृष्ण कुमार सिंह मंगलवार को संदिग्ध हालात में लापता हो गए। वह गोंडा के नवाबगंज स्थित गांधी इंटर कॉलेज में प्रिंसिपल हैं। मंगलवार सुबह छह बजे वह घर से उबर कैब कर पॉलीटेक्निक चौराहे के लिए निकले थे। इसके बाद कमता से गोंडा के लिए जा रही एक निजी कार में बैठ गए। इसी दौरान वह जहरखुरानी का शिकार हो गए।
इंस्पेक्टर सुरेश सिंह के मुताबिक डॉ. कृष्ण कुमार की पत्नी डॉ. बबिता ने बताया कि मंगलवार सुबह उन्होंने पति को कॉल की तो फोन बंद मिला। स्कूल प्रबंधन से संपर्क किया गया तो कोई जानकारी नहीं मिल सकी। परिजनों और स्कूल प्रबंधन ने कई जगह खोजबीन की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। परेशान होकर पारा थाने में शिकायत की। पुलिस ने छानबीन शुरू की तो उनकी लोकेशन दोपहर में मल्लावां अमेठी में मिली। इसके बाद उनका फोन फिर से बंद हो गया।
पुलिस पड़ताल कर ही रही थी कि डॉ. कृष्ण कुमार मंगलवार रात बदहवास हालत में घर पहुंच गए। पूछताछ में उन्होंने बताया कि कमता के पास जिस कार में बैठे थे उसमें पहले से दो लोग थे। अयोध्या रोड पर कुछ देर चलने के बाद चालक ने गाड़ी दूसरी दिशा में मोड़ ली। टोकने पर कहा कि टोल टैक्स बचाने के लिए ऐसा कर रहा है।
चाय पीने के बाद नहीं रहा होश
चालक ने चाय पीने के नाम पर गाड़ी रोक दी। चाय पीने के बाद उन्हें होश नहीं आया। आरोपी उनको मल्लावां के पास फेंककर भाग निकले। इससे पहले उनके खाते से 1.20 लाख रुपये भी ट्रांसफर कर लिए। काफी देर बाद होश में आने पर प्रिंसिपल बस और टेंपो कर चारबाग और फिर बुद्धेश्वर पहुंचे। पुलिस बुधवार को पीड़ित से विस्तृत पूछताछ के बाद आरोपियों की तलाश में जुटेगी।