लखनऊ। 440 करोड़ रुपये की लागत से हजरतगंज में वजीर हसन रोड पर एकीकृत मंडलीय कार्यालय बनाया जाएगा। इसके लिए छह एकड़ भूमि चिह्नित की गई है। जहां छह मंजिला इंटीग्रेटेड कार्यालय बनेगा, जिसमें 63 विभाग एक छत के नीचे आ जाएंगे। इसके अलावा चार मंजिला कोर्ट रूम व मल्टीलेवल पार्किंग भी बनाई जाएगी।
इसके लिए शनिवार को एलडीए के पारिजात सभागार में मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई, जिसमें परियोजना का प्रेजेंटेशन दिया गया। मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि भवन को ऐसा बनाया जाए, ताकि भविष्य में मेंटीनेंस पर कम खर्च हो। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि वाराणसी व गोरखपुर में एकीकृत मण्डलीय कार्यालय की डीपीआर बनाने वाली आर्किटेक्ट फर्म मुरालेज को ही डीपीआर की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
एकीकृत मण्डलीय कार्यालय ग्रीन बिल्डिंग की विशेषताओं से लैस होगा। मुख्य कार्यालय छह मंजिल का होगा, जिसमें बेसमेंट व दो तल पोडियम पार्किंग की होगी। इसके पास में चार मंजिला कोर्ट व रिकॉर्ड रूम बनाए जाएंगे। मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि एकीकृत मंडलीय कार्यालय में शिफ्ट किए जाने वाले विभागों की भूमि मुद्रीकरण से भवन निर्माण का व्यय निकाला जाए। बैठक में सचिव विवेक श्रीवास्तव, अपर सचिव ज्ञानेन्द्र वर्मा एवं सीपी त्रिपाठी, मुख्य अभियंता नवनीत शर्मा, मुख्य नगर नियोजक केके गौतम उपस्थित रहे।
योजनाओं में देरी पर हो कार्रवाई
मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने एलडीए की प्रस्तावित आवासीय योजनाओं वरुण विहार, नैमिष नगर, आईटी व वेलनेस सिटी की प्रगति की भी समीक्षा की। इसमें भूमि जुटान में देरी पर नाराजगी जताई। कहा कि एलडीए व तहसील के अधिकारी रिपोर्ट दें। प्रस्तावित योजनाओं में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सीलिंग के बाद निर्माण होने पर तोड़ा जाए
मंडलायुक्त ने राष्ट्र प्रेरणा स्थल, ग्रीन कॉरिडोर व इंटीग्रेटेड टाउनशिप समेत सभी बड़ी परियोजनाओं के कार्य की समीक्षा की। इसके बाद शहर में अवैध निर्माण एवं प्लॉटिंग की कार्रवाई का ब्योरा देखा। जोनल अधिकारियों को निर्देश दिए कि अवैध निर्माण सील करते समय निर्माण कार्य की फोटो, वीडियो व माप लें। सीलिंग के बाद निर्माण होता है तो तत्काल तोड़ा जाए।