लखनऊ। पीजीआई स्थित जन आरोग्य मंदिरों में चल रहे फर्जीवाड़े में स्वास्थ्य विभाग कार्रवाई करने के बजाय लीपापोती करने में जुटा है। डॉक्टरों की गैरहाजिरी में नर्स व फाॅर्मासिस्ट इलाज कर रहे हैं। वहीं, शुक्रवार को एक जन आरोग्य मंदिर का बोर्ड महिला डॉक्टर ने हटवा दिया, ताकि यह पता न चल सके वहां पर कोई केंद्र भी है। सीएमओ का कहना है कि मामले की जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट आने बाद कार्रवाई होगी।
तेलीबाग जन आरोग्य मंदिर में महिला डॉक्टर रुचि की तैनाती है। उनकी गैर हाजिरी में उनके पिता ओपीडी चला रहे थे। केंद्र में बाहरी डॉक्टर सेवाएं दे रहा है, जो नियमत: गलत है। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग के अफसर कार्रवाई के बजाय लीपापोती में जुटे हैं। सीएमओ का कहना है कि महिला डॉक्टर की गैरहाजिरी में जो डॉक्टर सेवाएं दे रहे थे, वह झोलाछाप नहीं था। मामले की रिपोर्ट तलब की गई है। ्र
वहीं, पीजीआई वृंदावन सेक्टर 11 में खुले स्वास्थ्य केंद्र के बाहर लगा स्वास्थ्य विभाग का बोर्ड उखाड़ कर अंदर रख दिया गया है, जिससे लोगों को पता ही न चले कि यहां स्वास्थ्य केंद्र भी है। केंद्र प्रभारी डॉ. अनुपम कुमारी मिश्रा ने बताया कि बोर्ड को किसी ने तोड़ दिया है, इसलिए उसे अंदर रख लिया गया है।