डूबते युवक को बचाने के बजाय बनाते रहे वीडियो
लखनऊ। गोमती नदी में डूब रहे युवक को बचाने के बजाय लोग उसका वीडियो बनाते रहे। यह आरोप ठाकुरगंज के मेहंदी घाट पर मिले 23 वर्षीय आसिफ अली के परिजनों ने लगाया है। वजीरगंज के गोलागंज घोसियाना निवासी आसिफ का शव रविवार शाम चार बजे घाट के किनारे नदी में उतराता मिला था। परिजनों का आरोप है कि वहां मौजूद लोगों ने न तो उसे बचाने की कोशिश की और न ही पुलिस या गोताखोरों को सूचना दी।
आसिफ के बड़े भाई आमिर ने बताया कि रविवार दोपहर करीब 12 बजे आसिफ के पास किसी का फोन आया था। इसके बाद वह बाइक लेकर घर से निकल गया था। परिजनों के मुताबिक, आसिफ एक महीने पहले ही गल्फ कंट्री से लौटा था।पुलिस ने गोताखोरों की मदद से शव को गोमती से निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। मृतक की पहचान के लिए पुलिस ने सोशल मीडिया पर उसकी फोटो प्रसारित की। इसके बाद परिजनों को घटना की जानकारी हुई। आमिर ने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर शव की पहचान अपने भाई आसिफ के रूप में की।
आमिर का आरोप है कि आसिफ के नदी में डूबने के दौरान वहां मौजूद लोग उसे बचाने के बजाय वीडियो बना रहे थे। लोगों ने डूबते हुए आसिफ का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर भी पोस्ट किया। परिजनों ने आसिफ का मोबाइल फोन गायब होने की बात भी कही है। इंस्पेक्टर ओमवीर सिंह चौहान ने बताया कि अभी शिकायत नहीं मिली है।