लखनऊ। द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स इंडिया की ओर से ट्रांसफार्मिंग द फ्यूचर ऑफ मैन्युफैक्चरिंग एंड टेक्नोलोजी विषय पर मंगवार को सेमिनार का आयोजन किया गया। इसमें विशेषज्ञों ने इंडस्ट्री 4.0 के दौर में एआई, डाटा मैनेजमेंट और डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग को नए दौर का नवाचार बताया। यह भी कहा कि नई तकनीक और नवाचार को अपनाना ही उद्योगों की जीवन रेखा है।
रिवर बैंक कॉलोनी स्थित इंजीनियर्स भवन में हुए सेमिनार में मुख्य वक्ता व जीसीआरसी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन के प्रोफेसर व डिप्टी डायरेक्टर डॉ. अभिषेक कुमार ने कहा कि इस वक्त इंडस्ट्री 4.0 का दौर है। 1780 में इंडस्ट्री 1.0 का दौर था, जब उद्योग भाप और पानी की शक्ति से चलते थे। 1870 से शुरू हुए इंडस्ट्री के 2.0 के दौर में बिजली का इस्तेमाल हुआ। 1970 में इंडस्ट्री 3.0 के दौर में कंप्यूटर व इंफार्मेशन टेक्नोलोजी के जरिये ऑटोमेशन को बढ़ावा दिया गया, जिससे मशीनों को शक्ति मिली। आज इंडस्ट्री 4.0 में साइबर फिजिकल सिस्टम का दौर है। हम फैक्टरियों को कनेक्टेड ब्रेन दे रहे हैं। इसके लिए एआई, डाटा मैनेजमेंट और डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग बेहद अहम है।
डॉ. अभिषेक ने कहा कि मारूति हर तीन महीने में नया मॉडल लॉन्च करती है। इसका बड़ा कारण यह है कि नई तकनीक को नहीं अपनाया तो इंडस्ट्री में पिछड़ जाएंगे। तकनीक इंडस्ट्री के परिचालन को आसान बनाती है। कार्यक्रम की अध्यक्षता आईईआई के चेयरमैन वीपी सिंह ने की। संयोजक विनोद सक्सेना ने रुपरेखा प्रस्तुत की। मानद सचिव एनके निषाद ने सभी का आभार जताया।
सेमिनार में उपस्थित विशेषज्ञ।
सेमिनार में उपस्थित विशेषज्ञ।