एसीपी मोहनलालगंज रजनीश वर्मा ने बताया कि जांच के लिए मोबाइल फोन को कब्जे में लिया गया है। फोरेंसिक लैब भेजकर डाटा रिकवर कराया जाएगा। फोन को किसने री-सेट या फार्मेट किया है, इसकी जांच की जा रही है। आशंका है कि छात्र ने फोन का एक्सेस बिहार के युवक को दे रखा था। उसी युवक ने खुद की पहचान छिपाने के लिए फोन काे फार्मेट कर दिया। परिजन तहरीर देते हैं तो केस दर्ज किया जाएगा। डाटा हासिल होने के बाद स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
बैंक से लिए गए दस्तावेज, होगी जांच
यश के पिता सुरेश ने बिजनौर स्थित यूनियन बैंक में खाता खुलवा रखा है। मंगलवार को पुलिस की एक टीम ने बैंक जाकर छानबीन की। लेनदेन संबंधी दस्तावेज जुटाए। एसीपी का कहना है कि यश ने कब और कितनी रकम किस खाते में भेजी, इसकी पड़ताल की जा रही है। खातों की मदद से गेमिंग एप चलाने वालों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
यश अकेले में करता था किसी से बात
कक्षा चार में पढ़ने वाली यश की बहन गुनगुन ने बताया कि भाई देर रात अकेले में फोन पर किसी से बात करता था। दिन में भी उसका फोन आता था। भाई के अलावा कोई दूसरा फोन उठा ले तो वह बात नहीं करता था। भाई का कहना था कि कुछ दिन पहले इंस्टाग्राम पर उसका एक दोस्त बना है। वह बिहार का रहने वाला है। वही फोन करता है। यश के गांव के दोस्तों का कहना है कि बिहार के युवक ने गेम में पैसा लगाने पर एक करोड़ रुपये कमाने का लालच दिया था। ऐसा यश ने बताया था कि लेकिन तब उसकी बात झूठ लगती थी।युवक ने यश को एक लिंक भेजा था। झांसे में आकर यश रकम लगाता गया। माना जा रहा है कि यश किसी साइबर जालसाज के चंगुल में फंस गया था।
बिहार जाने की कर रहा था जिद
सुरेश के मुताबिक, पिछले 10 दिन से यश दोस्तों से मिलने बिहार जाने की जिद कर रहा था। इस पर उन्होंने बेटे को समझाया था कि वह उसकाे साथ लेकर चलेंगे। सुरेश ने पुलिस से कॉल डिटेल रिकॉर्ड खंगालने का अनुरोध किया है। माना जा रहा है कि संदिग्ध युवक ने ही यश को ऑनलाइन गेम में रकम लगाने पर करोड़ों रुपये कमाने का लालच दिया था।
यह है मामला
ऑनलाइन गेम फ्री फायर के जाल में फंसकर धनुवासाड़ गांव के किसान सुरेश कुमार यादव के इकलौते बेटे यश ने 14 लाख रुपये गंवा दिए थे। सोमवार को सुरेश पत्नी का इलाज और बच्चों की फीस भरने के लिए बैंक से रुपये निकालने गए तो पता चला कि खाता खाली है। वापस आकर उन्होंने घरवालों को इसकी जानकारी दी। यश को जब पता चला कि पिता को रुपयों के बारे में जानकारी हो गई है तो उसने डरकर घर में फंदा लगाकर जान दे दी। सुरेश ने एक बीघा जमीन बेचकर रुपये बैंक में जमा किए थे।