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पिता बैक कर रहे थे गाड़ी, कुचलकर मासूम बेटी की मौत, चीख सुनकर मां के उड़े होश

Fri, 24 May 2019 01:16 PM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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विडंबना कहें, चूक या फिर मजबूरी। माता-पिता सुबह काम पर निकले तो डेढ़ साल की मासूम बेटी साथ थी। मां कूड़ा उठा रही थी, पिता गाड़ी बैक कर रहा था। पता भी नहीं चला और मासूम बेटी नाजनीन गाड़ी के नीचे आकर कुचल गई।

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उसकी चीख सुनकर पास ही काम कर रही मां के होश उड़ गए। जब तक वे बच्ची को लेकर अस्पताल पहुंचते, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। इस अनहोनी से पूरा इलाका सन्न रह गया।  

पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन तब तक परिवारीजन पोस्टमार्टम कराए बगैर शव का क्रियाकर्म कर चुके थे। प्रभारी निरीक्षक अमरनाथ विश्वकर्मा ने बताया कि हादसे की सूचना थाना के रोजनामचे में दर्ज कर ली गई है।
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प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि हादसा सुबह करीब सात बजे हुआ। इंदिरानगर के चांदन फरीदीनगर निवासी लालचंद अली नगर निगम की कार्यदायी संस्था इको ग्रीन में कूड़ा गाड़ी चलाता है। उसकी पत्नी अरना भी कूड़ा उठाती है।

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इकलौती बेटी थी नाजनीन

बुधवार सुबह लालचंद अली कूड़ा गाड़ी लेकर खुर्रमनगर चौराहा गया था। साथ में अरना व डेढ़ साल की बेटी नाजनीन भी थी। चौराहा के पास ही अरना ने बच्ची को सड़क किनारे बनी सीढ़ियों पर बैठा दिया और खुद कूड़ा उठाकर गाड़ी में डालने लगी।

कूड़ा लेकर लालचंद ने गाड़ी बैक की। इसी बीच सीढ़ियों पर खेल रही बच्ची लुढ़ककर नीचे सड़क पर आ गई। लालचंद की गाड़ी उसे कुचलती हुई निकल गई। बच्ची की चीखें सुनकर अरना शोर मचाते हुए दौड़ी।

लालचंद गाड़ी रोककर नीचे उतरा तो खून से लथपथ बेटी को देख पैरों तले जमीन खिसक गई। वह नाजनीन को गोद में उठाकर रोते-पीटते हुए अस्पताल भागा जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

पुलिस ने बताया कि लालचंद अली मूलरूप से असम का रहने वाला है और कई साल से लखनऊ में ही रहकर छोटी-मोटी नौकरी कर रहा है। तीन साल पहले ही उसने असमिया मूल की अरना से शादी की थी। नाजनीन उनकी इकलौती बेटी थी। 
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