लखनऊ। महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और पिंक बूथों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में लखनऊ पुलिस द्वारा एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। शुक्रवार से पुलिस लाइन स्थित संगोष्ठी सदन में तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला की शुरुआत की गई, जिसमें मध्य जोन के 23 पिंक बूथ ऑफिसर्स (पीबीओ) को डिजिटल दक्षता से लैस करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
कार्यशाला के पहले दिन साइबर फ्रॉड, ऑनलाइन शिकायत पोर्टल और संचार साथी पोर्टल पर विस्तृत जानकारी दी गई। विशेषज्ञ गौतम मिश्र ने महिला पुलिसकर्मियों को फिशिंग, ऑनलाइन धोखाधड़ी और डेटा चोरी जैसे मामलों की पहचान, रिपोर्टिंग प्रक्रिया, और पीड़ितों की गोपनीयता बनाए रखने के उपायों पर प्रशिक्षित किया।
पिंक बूथ ऑफिसर्स ने मोबाइल नंबर की गोपनीयता, त्वरित कार्रवाई प्रोटोकॉल और डिजिटल साक्ष्य संग्रह से संबंधित व्यावहारिक सवाल पूछे। साथ ही, डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाइव डेमो के जरिये शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया समझाई गई।
यह प्रशिक्षण लखनऊ पुलिस की ''''महिला सुरक्षा, समृद्धि की गारंटी'''' पहल का हिस्सा है, जिसके तहत पिंक बूथों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है। ताकि महिलाएं बिना झिझक साइबर अपराध की शिकायत कर सकें। आगामी दो दिनों में कार्यशाला में कानूनी प्रक्रियाओं, साइबर अपराध के नए तरीकों, और सामुदायिक संवाद कौशल पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे।
कार्यशाला से ये आएगा बदलाव
- प्रशिक्षण से महिला पुलिसकर्मियों की डिजिटल क्षमता बढ़ेगी, जिससे वे साइबर अपराध की जांच और रिपोर्टिंग में अधिक सक्षम बनेंगी।
- यह पहल महिलाओं में साइबर जागरूकता बढ़ाने और पुलिस पर विश्वास मजबूत करने की दिशा में एक सशक्त कदम है।