जिले में खाद्य सुरक्षा बिल को लागू किए जाने की तैयारियां शुरू हो गई है। इसके चलते ही सार्वजनिक वितरण प्रणाली को पूरी तरह कंप्यूटरीकृत करने को अभियान चलाकर सभी राशन कार्डों का डिजिटाइजेशन 30 नवंबर तक पूरा कराया जाएगा।
इसके तहत वर्तमान राशन कार्डधारकों से जुड़ी अतिरिक्त सूचनाओं को राशन विक्रेताओं के माध्यम से प्रिंटेड प्रोफार्मा फॉर्म से अपडेट करवा कर इसकी फीडिंग कंप्यूटर में दर्ज होगी। यह जानकारी शुक्रवार को एडीएम आपूर्ति ओपी राय ने दी।
उन्होंने बताया कि एनआईसी दिल्ली द्वारा इस बाबत वीडियो कांफ्रेंसिंग द्वारा संबंधित कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी भी अभियान से जुड़े अधिकारियों को मुहैया कराई गई है।
इसके तहत जिले के सभी राशन कार्ड धारकों के गांव का नाम, बैंक खाता नंबर व विवरण, निर्वाचक फोटो पहचान पत्र संख्या का विवरण, न्यूनतम एक मोबाइल नंबर तथा कार्डधारक के दर्ज परिवार के प्रत्येक सदस्य की जन्मतिथि व वर्ष से जुड़ी सूचना को एकत्रित कर उसे अपडेट किया जाएगा।
राशन कार्ड धारकों की इन सूचनाओं को राशन दुकानदारों के माध्यम से अभियान से जुड़े विभागीय कर्मचारी अपडेट कर प्राप्त करेंगे।
एडीएम आपूर्ति ने बताया कि फिलहाल नए राशन कार्डों को बनवाने का कार्य लंबित रहेगा। पुराने राशन कार्डधारकों की सूचनाओं को डिजिटाइजेशन द्वारा अपडेट कर ऑनलाइन करने के बाद ही अब अगले साल ही नए राशन कार्ड बनवाने का अभियान चलेगा।
इस दौरान वर्तमान में संचालित राशन कार्डों की वैद्यता अवधि को ही छह माह के लिए और बढ़ाने का प्रस्ताव जिलाधिकारी को भेजा जाएगा।
उन्होंने बताया कि कंप्यूटरीकृत सूचनाओं के तहत सार्वजनिक वितरण प्रणाली से जुड़ी हर सूचनाओं को 30 नवंबर तक सिस्टम से जोड़ कर ऑनलाइन करने का लक्ष्य रखा गया है।
परोक्ष तौर पर उन्होंने स्वीकारा कि पुराने राशन कार्डधारकों के संबंध में एकत्रित की जा रही नई सूचनाओं को प्रस्तावित खाद्य सुरक्षा बिल के क्रियान्वयन की तैयारी के बतौर माना जा सकता है।