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मोदीमीनिया: यूपी में होगा रैली महायुद्ध

Sat, 05 Oct 2013 01:56 AM IST
टीम डिजिटल/लखनऊ
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यूपी में रैली संग्राम के पूरा माहौल बन चुका है। अक्तूबर में यूपी में मोदी की ताबड़तोड़ रैलियों के प्रोग्राम से परेशान दूसरे राजनीतिक दल भी रैली महायुद्ध में कूद गए हैं।
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किसी ने सभा का नाम दिया है तो किसी ने सम्मेलन का, लेकिन लक्ष्य एक है। ज्यादा से ज्यादा भीड़ जुटाकर अपनी राजनीतिक जनशक्ति का प्रदर्शन करना।

इस महायुद्ध में सबसे पहले कूदी भाजपा। भाजपा ने सूबे में मोदी की आठ रैलियां तय कर दी हैं। इनमें तीन की तारीखें भी प्रस्तावित हो चुकी हैं।

इस खबर में समझिए रैली का गणित

इसमें मोदी की पहली महारैली 19 अक्तूबर को कानपुर में प्रस्तावित है। हालांकि, अभी इसे प्रशासन की अनुमति नहीं मिली है।

मोदी की दूसरी रैली 25 अक्तूबर को झांसी में और तीसरी 8 नवंबर को बहराइच में प्रस्तावित है। राज्य सरकार की पूरी कोशिश है कि जिलों के कंधों पर रखकर बंदूक चलाई जाए और मोदी की रैली धराशायी हो जाए।

बहरहाल, मोदी के जवाब में कांग्रेस ने भी अपने पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी की चार रैलियां तय कर दी हैं। राहुल की नौ अक्तूबर को रामपुर व अलीगढ़ में तथा 22 अक्तूबर को हमीरपुर व सलेमपुर में रैलियां तय कर दी गई हैं।
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बसपा और सपा भी कूदे
बसपा ने भी अपने संस्थापक कांशीराम के परिनिर्वाण दिवस पर 9 अक्तूबर को लखनऊ में बड़ा जन-जमावड़ा तय कर दिया है। सपा इस मामले में कैसे पीछे रह सकती है। सत्ताधारी पार्टी ने तो सबको पीछे छोड़ने की तैयारी कर ली है।

उसने इसी पांच अक्तूबर को इटावा और मैनपुरी में दो सभाएं प्रस्तावित कर दी हैं। अन्य स्थानों पर भी सभाओं का खाका खींचा जा रहा है। इनमें खुद मुलायम सिंह यादव व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव रहने वाले हैं।
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