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झांसी में सेना की जासूसी मामले में एडीएम तलब, स्टेनो ने लगाए आरोप

Wed, 09 Aug 2017 05:56 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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यूपी एटीएस
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झांसी में सेना की गतिविधियों की जासूसी के मामले में यूपी एटीएस ने पूर्वांचल के एक एडीएम को पूछताछ के लिए तलब किया है।
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एडीएम पर आरोप है कि झांसी में एसडीएम रहते हुए उन्होंने अपने स्टेनो को प्रतिबंधित सूचनाएं बिना किसी आदेश के किसी अन्य को बताने के लिए कहा।

यह आरोप एसडीएम सदर के कार्यालय में स्टेनो रहे राघवेंद्र अहिरवार ने एटीएस अधिकारियों द्वारा की गई पूछताछ में लगाए हैं।

दरअसल राघवेंद्र ने पूछताछ में बताया है कि 2009 में यहां के एसडीएम ने कथित मेजर यादव नामक व्यक्ति को सेना की प्रतिबंधित सूचनाएं उपलब्ध कराने को कहा था।

उसने यह भी बताया कि उक्त अधिकारी के स्थानांतरण के बाद आए दूसरे एसडीएम को भी उसने जानकारी दी कि इस तरह की सूचनाएं पूर्व में रहे एसडीएम के कहने पर वह देता रहा है, पर अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया।
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एटीएस के आईजी असीम अरुण ने बताया कि पूर्व में तैनात रहे अधिकारियों की भूमिका की भी पड़ताल की जाएगी।

झांसी में नौ साल से लीक हो रही गोपनीय सूचना को देखते हुए गृह विभाग ने एडवाइजरी जारी करने का निर्णय किया है।

इसमें अधिकारियों को निर्देश दिए जाएंगे कि वे बिना लिखा-पढ़ी के किसी को भी कोई गोपनीय या प्रतिबंधित सूचनाएं उपलब्ध न कराएं।

देश की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस तरह के कदम उठाना आवश्यक है। इस बारे में जल्द ही प्रमुख सचिव गृह व पुलिस महानिदेशक की ओर से विस्तृत गाइडलाइन जारी की जाएगी।
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आईएसआई इस तरह हासिल करती है गोपनीय सूचनाएं

सूत्रों की मानें तो खुद को मेजर या लेफ्टिनेंट बताकर, देशहित का हवाला देकर और सेना में भ्रष्टाचार रोकने के नाम पर आईएसआई के एजेंट अधिकारियों को फोन पर सेट कर लेते हैं। अधिकारी भी यह सोचकर उन्हें सूचनाएं उपलब्ध कराने लगते हैं कि वह सेना की मदद कर रहे हैं, जबकि होता इसका उल्टा है। पहले भी इस तरह से सूचनाएं लीक होने की बात सामने आ चुकी है। आईएसआई एजेंट की इस तरकीब से सैन्य गतिविधियों की जानकारी लगातार सरहद पार पहुंचती रहती है।
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