कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि भारत में समाजवादी आंदोलन और स्वतंत्रता संग्राम एक दूसरे के पूरक और पर्याय के रूप में आगे बढ़े हैं।
1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में सभी बड़े नेताओं की गिरफ्तारी के बाद डॉ. राम मनोहर लोहिया ने समाजवादियों से मिलकर आजाद दस्ता बनाया। अंग्रेज इतिहासकारों के हवाले से उन्होंने कहा, यदि समाजवादी न होते तो 42 की क्रांति सफल न होती।
बख्शी का तालाब स्थित चन्द्रभानु गुप्त कृषि महाविद्यालय परिसर में चल रहे सपा के प्रशिक्षण शिविर के दूसरे दिन शिवपाल यादव ने स्वतंत्रता संग्राम में समाजवादियों की भूमिका और योगदान के बारे में बताया।
कहा, चन्द्रशेखर आजाद के नेतृत्व में भगत सिंह, सुखदेव एवं राजगुरू जैसे क्रंतिकारी समाजवादियों ने हिंदुस्तान रिपब्लिकन सोशलिस्ट आर्मी बनाकर ब्रितानियां हुकूमत को सीधी चुनौती दी।
समाजवादियों की भूमिका पर ज्यादा नहीं लिखा गया
शिवपाल ने बताया कि डॉ. लोहिया ने 1942 में भूमिगत होकर स्वतंत्रता संग्राम की धार को तेज किया। स्वतंत्रता के बाद समाजवादियों ने गोवा की आजादी की लड़ाई लड़ी। उसे पुर्तगालियों से मुक्त कराया। सभी महान नेताओं ने चाहे वे गांधी हों या सुभाष चन्द्र बोस, समाजवाद की खुली वकालत की।
दुर्भाग्य है कि स्वतंत्रता संग्राम में समाजवादियों की भूमिका पर उतना लिखा पढ़ा नहीं गया जितना अपेक्षित था। कहा, नई पीढ़ी को समाजवाद के संघर्ष से अवगत कराने के लिए अभियान शुरू करने की जरूरत है।
डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. निशीथ राय व लखनऊ विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर डॉ जेएन मिश्र ने भी विचार रखे। शिवपाल अपने संबोधन के बाद हेलीकाप्टर से आजमगढ़ चले गए।
गैर बराबरी दूर होने तक जारी रहेगा संघर्ष
राज्य सरकार में मंत्री अंबिका चौधरी ने कहा कि जब तक देश में जाति, धर्म और अमीरी-गरीबी के नाम पर भेदभाव होगा युवाओं का संघर्ष जारी रहेगा।
समाजवादी सोच से ही सामाजिक विषमता दूर की जा सकती है, भेदभाव मिटाकर विकास को गति दी जा सकती है। कहा, समाजवाद एक आंदोलन है। सपा देश में समाजवाद लाने के लिए लगातार संघर्ष कर रही हैं। हमारा उद्देश्य सत्ता की राजनीति नहीं बल्कि लक्ष्य सामाजिक परिवर्तन है।
संप्रदायिकता बड़ा खतरा
सपा महासचिव व एमएलसी डॉ. अशोक वाजपेयी ने कहा, सांप्रदायिकता से देश व प्रदेश का बहुत नुकसान हुआ है। धर्म व आस्था के सहारे लोगों की भावनाओं को भड़का कर किसी तरह से सत्ता तो हासिल की जा सकती है लेकिन इससे समाज व देश का भला नहीं हो सकता। भारत जैसे धर्मनिरपेक्ष देश में धर्म व आस्था की सियासत को अब जनता नकार चुकी है।
मुलायम पर संशय, अखिलेश आएंगे
प्रशिक्षण शिविर का समापन सोमवार को सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव को करना है लेकिन स्वास्थ्य खराब होने के चलते उनके आने को लेकर संशय है।
शिविर के आयोजक पूर्व मंत्री भगवती सिंह ने कहा, संभव है कि नेताजी शिविर में न आ सकें। उनके न आने पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव समापन करेंगे।