जमीन की कीमतें दिन दूनी रात चौगुनी बढ़ने से अफसरों की नीयत खराब हो रही है। लखनऊ व गाजियाबाद में नगर निगम की जमीनें बिल्डरों को देने का खुलासा होने के बाद स्थानीय निकाय निदेशालय ने निकाय संपत्तियों को ऑनलाइन करने का निर्देश देने के साथ इसकी सूचना भी मांगी थी।
इसके बाद छह महीने बीतने को हैं, लेकिन सभी निकायों ने निदेशालय को इसकी सूचना नहीं दी है। अब स्थानीय निकाय निदेशक पीके सिंह ने 10 दिन के अंदर सूचनाएं उपलब्ध कराने को कहा है। नगर निगम, पालिका परिषद व नगर पंचायतों की जमीनें शहरी क्षेत्रों में हैं।
इन जमीनों या अन्य संपत्तियों की देखरेख के लिए निकायों में संपत्ति विभाग है, जिसमें तहसीलदार से लेकर लेखपाल तक हैं। इसके बावजूद आए दिन इन संपत्तियों पर अवैध कब्जा या फिर अधिकारियों की साठगांठ से इन्हें बिल्डरों को दिए जाने की शिकायतें मिलती रहती हैं।