फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उत्तर प्रदेश को ‘उत्तम प्रदेश’ बनाने पर जोर

Fri, 09 Jan 2015 11:20 AM IST
शोभित श्रीवास्तव/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रदेश के नियोजन विभाग ने वर्ष 2015-16 के लिए योजनाओं के बजट का आकार तय कर दिया है। सरकार ने करीब 1 लाख 20 हजार करोड़ रुपये की वार्षिक योजना को मंजूरी दी है।
विज्ञापन


इनमें से एक लाख पांच हजार 514 करोड़ रुपये विभागों की योजनाओं के लिए आवंटित किए गए हैं। इनमें सामान्य परिव्यय के लिए 80064 करोड़ रुपये हैं। अनुसूचित जाति सब प्लान के लिए 25374 करोड़ व ट्राइबल सब प्लान के लिए 76 करोड़ रुपये रखे गए हैं।

बजट का आकार तय कर दिए जाने के बाद अब वित्त विभाग ने विभागों से सेक्टरवार योजनाओं के बजट का विवरण मांगा है। सरकार ने इकोनॉमिक सर्विसेज के तहत कृषि व उससे जुड़े विभाग, वन, मंडी व डेयरी विकास आदि विभाग रखे हैं। इनका आकार 6068 करोड़ रुपये रखा गया है।
विज्ञापन


ग्रामीण विकास के तहत 8304 करोड़ रुपये रखे गए हैं। इसमें विधायक निधि के रूप में 756 करोड़ रुपये शामिल हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना के तहत 3500 करोड़ रुपये और स्पेशल एरिया प्रोग्राम के तहत 2957 करोड़ रुपये रखे गए हैं। इसके अंतर्गत बुंदेलखंड पैकेज, त्वरित आर्थिक योजना, बीआरजीएफ शामिल हैं।
विज्ञापन

इन योजनाओं का खर्च भी निर्धारित

सिंचाई व बाढ़ नियंत्रण के मद में 6412 करोड़, ऊर्जा क्षेत्र के लिए 5605 करोड़ और उद्योग एवं खनिकर्म के लिए 10212 करोड़ रुपये रखे गए हैं। इसके तहत नोएडा व ग्रेटर नोएडा भी शामिल हैं।

परिवहन के मद में 6918 करोड़ रुपये और विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण के लिए 34 करोड़ रुपये रखे गए हैं। जनरल इकोनॉमिक सर्विस के तहत 269 करोड़ रखे गए हैं।

सोशल सर्विस के तहत 14503 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसमें शिक्षा विभाग भी आता है। स्वास्थ्य विभाग के लिए 8447 करोड़, वाटर सप्लाई एवं सेनिटेशन के लिए 4628 करोड़ व आवास के लिए 5791 करोड़ रुपये तय किए गए हैं।

शहरी विकास के लिए 7202 करोड़ व सूचना विभाग के लिए 5499 करोड़ रुपये रखे गए हैं। न्यूट्रिशन एवं बाल विकास के लिए 5870 करोड़ व सामाजिक सुरक्षा व कल्याण के लिए 5152 करोड़ रुपये रखे गए हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें