कोरोना वायरस को मात देने के लिए आयुष विभाग ने नया फॉर्मूला अपनाया है। वह प्रदेश के अलग-अलग हिस्से में मौजूद सामग्री और जड़ी-बूटियों के आधार पर लोगों को बचाव का तरीका बता रहा है। इससे लोगों को जरूरी सामग्री ढूंढ़ने में किसी तरह की समस्या नहीं होगी। घर में अथवा आसपास मौजूद सामग्री के जरिए लोग अपनी इम्यूनिटी बढ़ा सकेंगे। इसके लिए आयुष कवच एप में नया फीचर जोड़ा गया है।
आयुष विभाग के डॉक्टर अशोक बताते हैं कि पूर्वी यूपी में खानपान में चावल अहम सामग्री है। चावल की मांड बलवर्धक होती है। चावल को आठ गुना पानी में डाल कर उबालें, उसमें भूना जीरा व सेंधा नमक मिला कर सेवन करें। इससे प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी। इसी तरह पालक, चौलाई व लोबिया का हींग के साथ सेवन कर इम्यूनिटी बढ़ाई जा सकती है।
पश्चिमी यूपी में यूकेलिप्टस पत्र अधिक होता है, जो श्वास-कास नाशक होता है। इसकी पत्तियों को पानी में डाल कर उबालें और दिन में दो बार भाप लें। यहां ज्वारांकुश पाया जाता है। इसकी दो से तीन पत्तियां चार कप पानी में उबालें। जब एक कप बचे तो निकाल कर उसका सेवन करें। मट्ठा के सेवन से भी फायदा होगा।
बुंदेलखंड में महुआ से मिलेगी ताकत
डॉ. अशोक के मुताबिक बुंदेलखंड में महुआ का फूल अधिक पाया जाता है, जो बलवर्धक एवं पोषक होता है। 20 से 30 महुआ के फूलों को पानी या दूध में उबाल कर उसका सेवन किया जा सकता है। इसके अलावा इस क्षेत्र में सत्तू भी अधिक पाया जाता है। जौ व चना के सत्तू का नमक व गुड़ के साथ सेवन करें। इसके अलावा पेठा भी घी में भूनकर सेवन करने से प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी।
मेथी भी कारगर
प्रदेश के मध्य क्षेत्र में मेथी एवं खुरासानी अजवायन अधिक पाई जाती है। इसमें रोग प्रतिरोधक क्षमता एवं शूलहर है। मेथी व अजवाइन के बीज को पीस कर गुनगुने पानी के साथ दिन में दो बार लें। हल्दी एंटी एलर्जिक होती है, इसके चूर्ण को घी में भून कर आधा चम्मच दिन में दो बार गुनगुने पानी से सेवन करें। कच्चा आम पाचक शक्ति व शरीर में पानी की कमी को दूर करता है। इसे उबाल कर पानी में मसल लें। उसमें पुदीना, काला नमक, भूना जीरा मिलाकर पीना फायदेमंद होता है।