कोविड-19 महामारी के मद्देनजर जिलों में स्थापित इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर के संचालन में शिथिलता पर सरकार ने एक्शन लिया है। अंबेडकरनगर व सीतापुर सहित 21 जिलों के जिलाधिकारियों को प्रथम दृष्टया पर्यवेक्षणीय शिथिलता का जिम्मेदार माना है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नाराजगी के बाद इन जिलों के डीएम से तीन दिन में स्पष्टीकरण तलब किया गया है। इसके अलावा 46 जिलों के डीएम से कमांड सेंटर से गैरहाजिर पाए गए नोडल अधिकारियों का स्पष्टीकरण प्राप्त कर शासन को उपलब्ध कराने को कहा गया है।
प्रदेश के समस्त जिलों में कोविड-19 महामारी के नियंत्रण व बचाव से जुड़ी व्यवस्था के लिए इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर की स्थापना की गई है। इसके संचालन के लिए जिलाधिकारियों के स्तर से जिले के वरिष्ठ अधिकारियों को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर उनके सचिवालय के अफसरों द्वारा कंट्रोल एंड कमांड सेंटर पर फोन कर वहां के कामकाज की पड़ताल की गई।
गायब रहने, फोन खराब होने पर नोडल अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा
अंबेडकरनगर, अमरोहा, बलिया, बुलंदशहर, चंदौली, चित्रकूट, देवरिया, हाथरस, कन्नौज, कानपुर नगर, कासगंज, शाहजहांपुर, सिद्धार्थनगर, सीतापुर, सोनभद्र, सुल्तानपुर, उन्नाव, वाराणसी, मऊ और मुजफ्फरनगर सहित 21 जिलों में फोन नंबर गलत होने, सेवा में उपलब्ध न होने, बंद होने या फोन न उठने जैसे मामले सामने आए। शासन ने इसे डीएम की पर्यवेक्षण की शिथिलता के रूप में लिया है। उनसे तीन दिन में स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
मुख्यमंत्री सचिवालय के अफसरों के फोन पर 46 जिलों में नोडल अधिकारी फोन पर नहीं मिले। इन 46 जिलों में से 27 जिलों-अमेठी, औरैया, अयोध्या, आजमगढ़, बलरामपुर, बारबंकी, बरेली, बस्ती, इटावा, फिरोजाबाद, गौतमबुद्धनगर, गाजीपुर, गोरखपुर, हमीरपुर, हापुड़, झांसी, कानपुर देहात, कुशीनगर, लखीमपुर, ललितपुर, रामपुर, मथुरा, मेरठ, मिर्जापुर, मुरादाबाद, पीलीभीत व प्रयागराज में नोडल अधिकारी नहीं मिले।
इनके स्थान पर अपने को सहायक नोडल अधिकारी बताने वालों ने फोन उठाया। इसी तरह 19 जिलों बांदा, भदोही, बिजनौर, बदायूं, एटा, फर्रुखाबाद, गोंडा, जालौन, जौनपुर, रायबरेली, संभल, शामली, श्रावस्ती, महराजगंज, महोबा, मैनपुरी, प्रतापगढ़, बागपत व हरदोई में लिपिक वर्गीय कर्मियों ने फोन उठाया और कोई भी जानकारी नहीं दे सके।
सभी जिलों को कमांड सेंटर की व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश
इन सभी जिलों के नोडल अधिकारियों से स्पष्टीकरण प्राप्त कर जिलाधिकारी शासन को उपलब्ध कराएंगे। नोडल अधिकारी यदि आईएएस व पीसीएस अधिकारी हैं तो स्पष्टीकरण नियुक्ति विभाग को भेजना होगा। यदि नोडल अधिकारी अन्य किसी विभाग से संबंधित हैं तो उनका स्पष्टीकरण उनके विभाग को भेजना होगा। उसकी प्रति नियुक्ति विभाग को भेजी जाएगी।
शासन ने सभी डीएम को अलग से एक पत्र जारी किया है। इसमें जिलों में स्थापित इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर पर नियुक्त नोडल अधिकारियों का नाम तथा प्रत्येक फोन नंबर को क्रियाशील कर जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।