आयकर विभाग ने सत्ता के गलियारों में चर्चित दिल्ली के कारोबारी अशोक चतुर्वेदी की यू फ्लैक्स कंपनी से जुड़े आठ राज्यों के 37 ठिकानों पर बुधवार को ताबड़तोड़ छापेमारी की।
छापेमारी में 300 करोड़ रुपये की काली कमाई का खुलासा हुआ है। वहीं, 1000 करोड़ रुपये के लेन-देन के दस्तावेज हाथ लगे हैं। अफसरों ने जांच के दौरान दो करोड़ रुपये की नकदी, लॉकर्स एवं गहने भी बरामद किए।
आयकर अफसरों का अनुमान है कि कंपनी में राजनेताओं की काली कमाई लगी हुई है। आयकर महानिदेशक (जांच) कृष्णा सैनी ने खुफिया सूचना एवं रिटर्न के आधार पर ये कार्रवाई की।
दिल्ली के छतरपुर निवासी अशोक चतुर्वेदी की नोएडा सेक्टर चार स्थित पैकेजिंग मैटेरियल बनाने वाली फैक्ट्री और दिल्ली, मुंबई, थाणे, नोएडा, देहरादून, जम्मू, भिंड, अलवर एवं हरिद्वार के 37 ठिकानों पर छापेमारी की।
सुबह 8:30 बजे 50 अफसरों व 200 कर्मियों ने एक साथ कार्रवाई शुरू की। इन ठिकानों में आवास एवं दफ्तर शामिल हैं।
शाम पांच बजे तक की कार्रवाई में चतुर्वेदी के आवास एवं दफ्तर से दो करोड़ रुपये कैश बरामद कर सीज किया जा चुका है। इसके कई जगहों पर बैंक में एवं प्राइवेट ठिकानों पर लॉकर्स मिले हैं, इनको भी सीज किया गया है।
छापे में जो गहने मिले उनको जांच के बाद सीज करने का फैसला किया जाएगा। शाम तक की जांच में काली कमाई के 300 करोड़ रुपये के कारोबार पर आयकर चोरी का खुलासा हो चुका है।
अनुमान है कि काली कमाई का आंकड़ा 1000 करोड़ रुपये से ऊपर पहुंच सकता है। वहीं, आयकर निदेशक अशोक त्रिपाठी ने बताया कि छापे में बेनामी निवेश के दस्तावेज सीज किए गए हैं।
छानबीन पूरी रात चलेगी। 25 बोगस कंपनियों से 3000 करोड़ रुपये का कारोबार आयकर महानिदेशक ने बताया कि कंपनी का जाल 25 बोगस कंपनियों में फैला है। यह कंपनियां सिर्फ कागजों तक सीमित हैं।
इन बोगस कंपनियो की जांच में पाया गया कि यू फ्लैक्स कंपनी ने पांच साल के भीतर 1000 करोड़ रुपये का लेन-देन किया है। जबकि कंपनी ने इस अवधि में 3000 करोड़ रुपये का कारोबार किया है।
कागजी कंपनियों में कैश सेल
यू फ्लैक्स कंपनी ने 100 से अधिक जिन कंपनियों में पैकेजिंग मटेरियल की बिक्री दर्शाई है, उनकी जांच में अधिकतर का कोई अता-पता नहीं मिला है।
अधिकतर कंपनियां कागजों तक ही सीमित हैं। उन्होंने बताया, कि जिन कंपनियों की रेंडम जांच हुई, उनमें कुछ के मालिकों ने यू फ्लैक्स कंपनी से माल खरीदने से इन्कार किया और कुछ ने मामूली माल खरीदने की बात स्वीकारी है।
वाणिज्य कर को भी चूना
आयकर छापे में वाणिज्य कर चोरी किए जाने का भी खुलासा हुआ है। आयकर महानिदेशक ने बताया, अफसरों को जो 1000 करोड़ रुपये के कारोबार के दस्तावेज मिले हैं।
उस पर वाणिज्य कर की अदायगी भी की गई है। उन्होंने कहा कि इन दस्तावेज को वाणिज्य कर मुख्यालय को भी भेजा जाएगा।