काले धन को लेकर लगातार हो रहे खुलासों को देखते हुए आयकर विभाग ने कानपुर समेत देश की 35 रियल इस्टेट सेक्टर कंपनियों को निशाने पर लिया है।
इस संबंध में केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के निदेशक (जांच) ने सभी प्रिंसिपल चीफ कमिश्नर और महानिदेशक (जांच) को इन कंपनियों की जांच के लिए पत्र लिखा है।
इसके साथ ही हाल ही में हुए एक स्टिंग ऑपरेशन का पूरा ब्यौरा भी दिया है। बीते पांच साल में सिविल लाइंस स्थित आयकर निदेशालय से लगभग सभी प्रमुख बिल्डरों के यहां छापेमारी की कार्रवाई हुई है।
इन सभी जगहों पर मिले कागजात और रिकॉर्ड देखने से साफ है कि रियल इस्टेट के धंधे में दो नंबर की रकम का भरपूर इस्तेमाल किया जा रहा है। 26 नवंबर को एक स्टिंग ऑपरेशन में दिखाया गया था कि किस तरह से रियल इस्टेट के धंधे में दो नंबर की रकम का लेन-देन हो रहा है।
बिल्डर सीधे तौर पर 10 फीसदी से 90 फीसदी तक रकम को नकद में लेकर फ्लैट बेचने को तैयार हैं। यही नहीं बड़ा सौदा करने पर किसी एनबीएफसी से दो नंबर की रकम को एक नंबर करवाने तक की बात तय कर रहे हैं।