भाजपा प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने ताजमहल को लेकर किए जा रहे दावों पर कहा कि वक्फ मंत्री आजम खां की ओर से दिए जा रहे बयान निंदनीय हैं। ताजमहल को राजा जय सिंह से मुगल शासक शाहजहां ने खरीदा था।
ताजमहल उस समय यह तेजोमहालय (शिवमंदिर) हुआ करता था। इसके प्रमाण मौजूद हैं। वाजपेयी रविवार को भाजपा के सदस्यता अभियान को गति देने बहराइच पहुंचे थे।
उन्होंने रामलला के प्रति दिए गए बाबरी मस्जिद पक्ष के मुद्दई हाशिम के बयान का समर्थन करते हुए एक बार फिर राम मंदिर बनाने की वकालत की। केंद्र द्वारा राममंदिर मुद्दे पर कड़े कदम उठाने में राज्यसभा में बहुमत न होने की मजबूरी भी बताई।
साथ ही साध्वी निरंजन के मुद्दे पर विपक्षियों को गिरेबान में झांकने की नसीहत भी दी। पत्रकारों से बातचीत करते हुए वाजपेयी ने कहा कि मेरा मानना है कि राममंदिर बनना चाहिए।
भाजपा के एजेंडे में मंदिर निर्माण होने के बाद भी केंद्र सरकार द्वारा कदम नहीं उठाए जाने पर उन्होंने कहा कि लोकसभा में भाजपा पूर्ण बहुमत में है लेकिन राज्यसभा में बहुमत नहीं है। इससे सरकार के सामने कठिनाई आ रही है।
आजम में दम है तो ताजमहल पर पढ़वाएं नमाज
इससे पहले भी भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने ताजमहल को लेकर सूबे के नगर विकास मंत्री आजम खान को खुली चुनौती दी थी। उन्होंने कहा था कि आजम में दम है तो वह ताजमहल में पांच वक्त की नमाज पढ़वाकर दिखाएं।
आजम द्वारा ताजमहल को वक्फ संपत्ति घोषित करने की मांग पर वाजपेयी ने यह तल्ख टिप्पणी की थी। आरोप लगाया कि वह पहले की वक्फ संपत्तियों को तो संभाल नहीं पा रहे हैं और ताजमहल मांग रहे हैं।
आजम खां ने कहा था कि ताजमहल को भी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड में शामिल होना चाहिए। यदि हमें इसका मुतवल्ली बना दिया जाए तो भी इसका नाम मुमताजमहल नहीं, ताजमहल ही रखेंगे।
सीएम ने भी बताया था अपना दर्द
ताजमहल को लेकर सिर्फ आजम खां ही नहीं बल्कि सीएम अखिलेश यादव भी अपना दर्द बयान कर चुके हैं। पिछले दिनों अप्रवासी यूपीवासियों के एक कार्यक्रम में अखिलेश ने ऐसा ही बयान दिया था।
सीएम का कहना था कि हमारे साथ भेदभाव हो रहा है तमाम लोग ताजमहल को भारत का कहते हैं। सवाल है कि इसे यूपी का कब कहेंगे?
उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री आजम खान के एक बयान से दुनिया भर में मुहब्बत के प्रतीक के तौर पर मशहूर ताजमहल पर सियासत शुरू हो गई है। आजम खान ने जहां ताजमहल को पुरातत्व विभाग से लेकर यूपी वक्फ बोर्ड के हवाले करने की मांग की है तो लखनऊ ईदगाह के इमाम मौलाना खालिद राशिद ने ताजमहल को नमाज अता करने के लिए पूरी तरह से खोलने की मांग की।
भाजपा ने इन मांगों पर नाराजगी जाहिर करते हुए ताजमहल को सियासत से दूर रखने की नसीहत दी। पार्टी ने कहा है कि ताजमहल परिसर में स्थित मस्जिद में शुक्रवार को पांचों वक्त की नमाज अता की जाती है। इस स्थिति में परिवर्तन का सवाल ही पैदा नहीं होता।