नोटबंदी के दौरान 500 एवं 1000 रुपये के पुराने नोट से महंगी कार खरीदने वाले, बिजली बिल जमा करने वाले और बैंक में भारी मात्रा में कैश जमा करने वालों पर आयकर विभाग का शिकंजा कस गया है।
विभाग ने इन लोगों को नोटिस भेजकर 15 फरवरी तक जवाब मांगा है। तय तारीख पर जवाब नहीं देने पर दूसरा नोटिस भेजा जाएगा जिसमें इनकम टैक्स के संग पेनाल्टी भी शामिल होगी। इसकी वसूली न्यायालय के जरिए की जाएगी।
आयकर विभाग की जांच टीम ने ऐसे 17,750 लोगों को दिसंबर से जनवरी के बीच नोटिस जारी कर जवाब तलब किया था। इनमें एक करोड़ रुपये से अधिक का लेनदेन करने वाले 750 और एक करोड़ रुपये से कम का लेनदेन करने वाले 17 हजार शामिल हैं।
इसमें 400 से अधिक सराफा कारोबारी हैं। जांच इकाई के डिप्टी डायरेक्टर जयनाथ वर्मा ने मंगलवार को बताया कि जो नोटिसधारक इनकम टैक्स के दायरे में आ चुके उन्हें उसे चुका देना चाहिए। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने इन लोगों को जवाब देने की अंतिम तारीख बढ़ाकर 15 फरवरी कर दी है। इसके बाद भी जवाब न देने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।