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पान मसाला और मिठाई कारोबारियों के यहां से मिली 250 करोड़ की टैक्स चोरी

Mon, 07 Jan 2019 12:36 AM IST
MANISH sachan न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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लखनऊ छप्पनभोग में छापा मारते आयकर अधिकारी
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पान मसाला, मिठाई, रियल एस्टेट और शेयर ट्रेडिंग कारोबारी के यहां बृहस्पतिवार से चल रही आयकर छापेमारी में अब तक 250 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी सामने आई है। इसमें रियल एस्टेट कारोबारी के यहां डेढ़ सौ करोड़ की टैक्स चोरी व पान मसाला कारोबारी के गोदामों से पचास करोड़ का कच्चा माल शामिल है। सोमवार को इन कारोबारियों के लॉकरों को खंगाला जाएगा। ऐसे में टैक्स चोरी का आंकड़ा चार सौ करोड़ तक  पहुंच सकता है।

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आयकर कमिश्नर कुमार अमरेंद्र ने बताया कि सूरज प्रॉपर्टीज के मालिक व सैम रियल बिल्ड के निदेशक आशीष खेमका एलडीए में कॉन्ट्रैक्टर भी हैैं। आशीष की करीबी अफसरों व नेताओं से भी है, जोकि जांच के घेरे में हैं। आशीष पड़ताल के दौरानविदेश में थे उनको ग्रीस से बुलाया गया।

आशीष खाते में हुए लेनदेन से जुड़े दस्तावेज पेश नहीं कर पाए। जांच में सामने आया कि 150 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी की गई है। लिहाजा आयकर 1961 की धारा 132(9बी) के तहत मामला दर्ज किया गया है। उनके सीए व ऑडिटर एरन से भी खाते से जुड़े दस्तावेज व बिलों के बाबत पूछताछ की गई है।

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पचास करोड़ का कच्चा माल, डमी डायरेक्टर चला रहे थे कंपनी

आयकर कमिश्नर के मुताबिक अमौसी औद्योगिक क्षेत्र में छापेमारी के दौरान कमला पसंद, राजश्री, सिल्वर लाइन तम्बाकू व डबल ब्लैक के भारी संख्या में स्टॉक , रैपर व पैकेजिंग मैटीरियल और कच्चा माल बरामद हुआ। इनकी कीमत करीब पचास करोड़ रुपये है। कंपनी में अनुराग बाजपेयी, नंदकिशोर व अन्य दूसरों को डायरेक्टर बताया जा रहा था। पर इन सबने बताया कि वे सिर्फ कंपनी के मुलाजिम हैं। खाते से जुड़े दस्तावेज दिखाने और लेन-देन के बारे में कोई जानकारी देने आगे नहीं आया। परिसर में मिले 30 लाख रुपये नकद व दस्तावेज को जब्त कर लिए गए हैं। जीएसटी की प्रवर्तन शाखा के अधिकारियों ने भी जांच-पड़ताल की है।

छप्पन भोग की थी ‘मुखौटा’ कंपनियां

आयकर टीम ने सप्रू मार्ग पर शेयर ट्रेडिंग कंपनी पर भी छापा मारा था। आयकर कमिश्नर ने बताया कि सप्रू मार्ग स्थित फेयर इंवेस्टमेंट के संदीप मित्तल, मनीष मित्तल व अन्य से भी पूछताछ की गई। जहां टैक्स चोरी के लिए ‘मुखौटा’ कंपनियों व कम कीमत वाले शेयरों  में पैसा लगाया। जांच में आगे यह भी पाया गया कि ये मुखौटा कंपनी छप्पन भोग के रवींद्र कुमार गुप्ता, उनके परिवारीजनों की थी। इनसे पूछताछ की गई है। इनका शेयर ब्रोकिंग लाइसेंस निरस्त हो सकता है।
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नोटबंदी में 25 करोड़ का खेल

कारोबारी मदन गुप्ता के ठिकाने पर भी छापेमारी भी हुई। नोटबंदी के दौरान 25 करोड़ रुपये से अधिक जमा किए जाने को लेकर मदन गुप्ता से पूछताछ की गई तो वे कोई जानकारी नहीं दे पाए। उनके पास संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज मिले हैं, वे बेनामी हो सकती हैं। 

आज खोले जाएंगे लॉकर
आयकर अधिकारियों ने सोमवार को चारों कारोबारियों केबैंक लॉकरों को खंगाला जाएगा। साथ ही 59 डीड्स का परीक्षण किया जाएगा। इसके बाद टैक्सी चोरी की रकम डेढ़ सौ करोड़ तक बढ़ सकती है। 
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