बिग बी कहते हैं, कुंभ के साथ न जाने कितनी यादें जुड़ी हैं मेरी। मेरा तो बचपन ही बीता है प्रयागराज में। सुबह-सुबह चार बजे उठकर पहुंच जाते थे संगम में स्नान करने। पहले त्रिवेणी की मिट्टी को शरीर पर लगाया और फिर लगाई डुबकी। मंत्र तो पता नहीं होते थे, लेकिन होठों से बुदबुदाते जरूर थे। पोंटून पूल देखकर सोचते थे कि इसे बनाया कैसे होगा, इतने सारे लोगों का भार कैसे उठा लेता है, बड़े होकर साइंस समझ में आया।
जब-जब गया हूं, अचंभित होकर लौटा हूं
बिग बी बताते हैं, मुझे दो-तीन बार कुंभ जाने का सौभाग्य मिला है। जब-जब गया हूं वहां से अचंभित होकर ही लौटा हूं। इतने सारे लोग भक्ति और आस्था के लिए एक साथ... एक जगह... मानवता का यह महोत्सव सचमुझ अद्भुत होता है। आपको पता है यूनेस्को ने भी कुंभ को मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर माना है। हमारे देश के लिए यह गर्व की बात है।
बिग बी का मानना है, कुंभ में आस्था तो है ही, विज्ञान भी है। आकाश में विशेष नक्षत्र मिलते हैं तब धरती पर कुंभ होता है। सूर्य और चंद्रमा मकर में प्रवेश करते हैं, उसी समय बृहस्पति वृषभ में प्रवेश करता है तब होता है कुंभ। उस समय संगम में स्नान करने से मस्तिष्क, शरीर और आत्मा में नई ऊर्जा भरती है, अंदर एक सकारात्मक ऊर्जा भर जाती है। चित्त एकदम प्रसन्न होता है।
बड़ी फेमस है प्रयागराज की दूध-जलेबी
बिग बी कहते हैं, प्रयाग में एक से एक अद्भुत चीजें देखने को मिलती हैं। जैसे वहां की हनुमान की प्रतिमा। हनुमान की प्रतिमा तो कई देखी होगी लेकिन प्रयागराज जैसी नहीं देखी होगी, लेटे हुए हनुमानजी हैं। वहां संगम के पास जो किला है उसके पास ही है यह मंदिर। बांध के हनुमान के नाम से प्रसिद्ध है यह जगह। बचपन में बहुत जाते थे वहां, आते समय दूध-जलेबी खाते थे। बड़ी फेमस है वहां की दूध जलेबी।