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लखनऊ महोत्सव: जोश, जश्न और जुनून का आगाज

Sat, 23 Nov 2013 12:26 AM IST
ऋषि मिश्र/लखनऊ
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शाम ढली और धीरे-धीरे रात का धुंधलका छाने लगा। रंग-बिरंगी रोशनी से अद्भुत सा दिखने वाला मंच नहाने लगा।
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यहां संगीत की मदमस्त करने वाली धुनें थीं और गीतों में ऐसे शब्द जो मानो कानों में रस घोल रहे हों।

इसी बीच कुछ सुर छिडे़ और फिजां में शब्द गूंजे, ‘अजब जादुई है इसका हर कूचा, एक बार जो आ आए, वो हो जाता इसका....ये है जश्न ए विरासत’।

मानो कुछ शब्दों में ही शहर-ए-तहजीब के बारे में सब कुछ कह दिया गया हो। लखनवी तहजीब का मेला, लखनऊ महोत्सव शुक्रवार शाम से सज गया।

जश्न ए विरासत थीम पर आयोजित किए जा रहे महोत्सव में अब दो दिसंबर तक आशियाना का स्मृति उपवन महज एक पार्क नहीं रहेगा, बल्कि लखनऊ वालों के जज्बातों का बगीचा बन जाएगा।

यह बात दीगर है कि आगाज के इस मौके पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अपनी व्यस्तता के चलते नहीं आ सके। पर्यटन मंत्री ओमप्रकाश सिंह ने समारोह का औपचारिक उद्घाटन किया।
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जो लोग इस मौके के गवाह बनने आए थे, वे रंगारंग कार्यक्रमों में बिखरी मस्ती में डूबते-उतराते रहे।

इस मौके पर पर्यटन मंत्री ने कहा कि लखनऊ तो प्रदेश का दिल है। इसलिए इसकी खूबसूरती को बढ़ाने में कोई कमी नहीं छोड़ेंगे।

इसके अलावा वाराणसी में देव दीपावली बेहतरीन अंदाज में मनाई गई, जिसमें बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटकों की भी मौजूदगी रही।

आगरा, वाराणसी समेत पूरे प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने में सरकार कोई कमी नहीं छोड़ेगी।

इससे पहले सचिव पर्यटन और कमिश्नर लखनऊ रेंज संजीव शरण ने लोगों को इस मेले की खासियतों से परिचित करवाया।

संस्कृति राज्यमंत्री अरुणा कोरी ने कहा कि संस्कृति विभाग ने मेले को कामयाब बनाने में हरसंभव मदद की है।

गीतों में दिखी अपनी रवायतें
‘एकता में है ताकत, सभी जानते हैं.... एकता की विरासत है हमारा शहर.... एकता के तराने सुनाते चलो...’ सिटी मांटेसरी स्कूल के बच्चों ने बड़े आकर्षक अंदाज में ऐसे ही अनेक गीतों को अपने नृत्य और गीत के माध्यम से प्रस्तुत किया।
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इन बच्चों के नृत्य में होली, ईद और लखनवी तहजीब की कई झांकियां देखने को मिलीं।

इसके साथ ही कमाल खान और अन्य की आवाज में दीक्षा एडवरटाइजिंग ने जश्न-ए-विरासत थीम पर गीत की ऑडियो विजुअल प्रस्तुति दी।

आज से जमेगा महोत्सव का रंग
पहले दिन मेले में शाम को जहां दर्शकों की उपिस्थिति अपेक्षाकृत कम रही, वहीं स्टॉल संचालक भी दुकानें सजाने में लगे रहे।

माना जा रहा है कि वीकेंड की मस्ती में महोत्सव का रंग शनिवार और रविवार को खूब जमेगा।

यहां आने वाले दर्शकों के लिए शिल्प मेले की रौनक के साथ ही फूड कोर्ट में लखनवी, पंजाबी, दक्षिण भारतीय व चाइनीज व्यंजनों के 40 स्टॉल हैं।

वहीं शिल्प मेले में 450 स्टॉलों में यूपी सहित बीस राज्यों के हस्तशिल्पी अपनी हस्तकला को प्रदर्शित कर रहे हैं।

शिल्प मेले में राष्ट्रीय व राज्य स्तरीय पुरस्कार प्राप्त शिल्पियों को नि:शुल्क स्टॉल उपलब्ध कराए गए हैं।

इसमें नाबार्ड व जूट बोर्ड की प्रदर्शनी आगंतुकों को विशेष तौर पर आकर्षित करेगी। महोत्सव स्थल पर निर्मित पैवेलियन में पर्यटन विभाग, एनबीआरआई, सूडा, टेलीकॉम व व्यावसायिक बैंक अपनी गतिविधियों की झलक दिखाने के लिए भव्य प्रदर्शनी भी प्रस्तुत करेंगे।
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