वजीरगंज स्थित इमामबाड़ा सैयद हाशिम में आयोजित अंजुमन मोहिब्बाने हुसैन की शब्बेदारी में नौहा पढ़त
लखनऊ। अय्यामे अजा के आखिरी दिनों ने शहर में शब्बेदारियों का सिलसिला भी बढ़ गया है। इसमें शामिल होकर अजादार कर्बला के शहीदों का गम मना रहे हैं।
हाता मिर्जा अली खां स्थित इस्लाम एजुकेशन सेंटर में अंजुमन नय्यर उल इस्लाम की ओर से आयोजित शब्बेदारी की दूसरी मजलिस को मौलाना साबिर अली इमरानी ने खिताब किया। मजलिस के बाद अंजुमन कमरे बनी हाशिम, गुलामाने हुसैन, शब्बीरया, गुलजारे पंजतन और गुुलजारे अहलेबैत ने नौहाख्वानी की। अंजुमन के नौहाख्वान हैदर रिजवी ने बताया कि शुक्रवार को मौलाना हैदर अब्बास और अलविदाई मजलिस को मौलाना हसनैन बाकरी खिताब करेंगे।
वजीरगंज स्थित इमामबाड़ा सैयद हाशिम में अंजुमन मोहिब्बाने हुसैन की चल रही शब्बेदारी का अलविदाई अलम की जियारत के बाद समापन हो गया। अलविदाई मजलिस में मौलाना सकलैन आब्दी ने खिताब किया। शब्बेदारी में अंजुमन आबिदया काजमिया, शहीदे फुरात, गुलदस्ते इस्लाम, गुलमाने हुसैन, जफरूल ईमान आदि ने नौहाख्वानी की।
गोलागंज स्थित लाल मस्जिद में मौलाना फैज अब्बास मश्हदी ने मजलिस को खिताब किया। बंजारी टोला स्थित इमामबाड़ा नवाब अफसर जहां में मौलाना फिरोज हुसैन ने मजलिस को खिताब किया। मंसूर नगर स्थित इमामबाड़ा जियाउल हसन में मौलाना सैफ अब्बास ने मजलिस को खिताब किया। रौजा ए काजमैन में अय्यामे अजा की आखरी रातें शीर्षक से मजलिस को कारी यूसुफ मिर्जा ने खिताब किया।