नवजात बच्ची को फेंकने के मामले में महिला समेत तीन पर केस
मोहनलालगंज। मोहनलालगंज के बेलहनी गांव के पास झाड़ियों में मिली नवजात बच्ची के मामले में पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने मंगलवार को अज्ञात महिला समेत तीन के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले में एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ भी कर रही है। लेकिन महिला पुलिस की पकड़ से दूर है।
मोहनलालगंज के बेलहनी गांव के पास झाड़ियों में 13 जुलाई को नवजात बच्ची मिली थी। बच्ची मोहनलालगंज के एक चर्चित निजी अस्पताल के कपड़ों में लिपटी थी जिसके सहारे पुलिस ने बच्ची केमां और उसके परिवारीजनों की जानकारी हासिल की। पुलिस टीम ने उन्नाव में उनकी तलाश की, हालांकि पुलिस के हाथ बच्ची की मां नहीं लगी। महिला के परिवारीजनों ने बताया कि वह गुजरात जा चुकी थी। पुलिस ने सख्ती की तो हकीकत सामने आई कि नवजात को जन्म देने वाली महिला चंडीगढ़ में है। प्रभारी निरीक्षक गऊदीन शुक्ला के मुताबिक, गौरा के चौकीदार रामसागर की तहरीर पर अज्ञात महिला के समेत तीन के खिलाफ तहरीर दी जिस पर केस दर्ज हुआ।
प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक, पड़ताल में निजी अस्पताल व पीजीआई स्थित एक अन्य अस्पताल संदिग्ध लग रहे हैं। पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने जब अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरे की रिकॉर्डिंग खंगाली तो महिला व दो पुरुष झोले में बच्चे को ले जाते दिखे। इंस्पेक्टर के मुताबिक, पड़ताल में कई सबूत हाथ लगे हैं। आरोपी महिला को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं दोषी रिश्तेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
चंडीगढ़ में गर्भपात कराने में हुए थे असफल
पुलिस के मुताबिक, जिस महिला ने नवजात बच्ची को जन्म दिया है। वह चार बहनों में सबसे छोटी है। अपने बहनोई के साथ चंडीगढ़ में रहने चली गई थी। जहां महिला गर्भवती हुई। वहां परिवारीजनों ने गर्भपात कराने का प्रयास किया ,लेकिन सफलता नहीं मिली। दो माह का समय इसी में निकल गया। इसके बाद दस जुलाई को लखनऊ बहनोई के साथ वापस आ गई। एक निजी अस्पताल में प्रसव कराया गया। प्रसव केबाद झोले में भरकर बेलहनी गांव केपास झाड़ियों में बहनोई बच्ची को फेंकने गया था। अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज में उसकी तस्वीर साफ दिख रही है।