विद्युत नियामक आयोग के चेयरमैन देशदीपक वर्मा ने कहा है कि इस बार से बिजली कंपनियां तय मानक व परफॉर्मेंस में खरी नहीं उतरीं तो उसके हिसाब से उपभोक्ताओं की बिजली दरों में कम किया जाएगा।
इसके अलावा हाईवोल्टेज के मामलों में विद्युत सुरक्षा की रिपोर्ट आने के तीन महीने के अंदर उपभोक्ताओं को मुआवजा देना अनिवार्य होगा।
वर्मा बुधवार को यहां आयोग में राज्य सलाहकार समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने बकाया वसूली व महंगी बिजली खरीद पर मेरिट ऑर्डर को सही करने के लिए अपने स्तर से आवश्यक कार्यवाही की भी बात कही।
इसके पहले आयोग के सामने बिजली दरें कम करने, लाइन हानियों पर अंकुश, बकाया वसूली में तेजी लाने, सरकारी बकाया वसूलने के लिए बजटीय प्रावधान करने के संबंध में सुझाव आए।
समय से बिजली बिल अदा करने वाले उपभोक्ताओं को एक प्रतिशत की छूट दी जाए। उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने निजीकरण व फ्रेंचाइजीकरण पर कहा कि यह प्रयोग जनविरोधी साबित हुआ है।
उन्होंने लेसा पर हाईवोल्टेज की विद्युत सुरक्षा रिपोर्ट आने पर भी मुआवजा न देने का आरोप लगाया। अनियमित सामग्री खरीद व बिलिंग घोटाले की भी चर्चा हुई।