कट्टरपंथी इस्लामी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया की आतंकी फंडिंग व अन्य गतिविधियों पर मंगलवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) समेत राज्य की सुरक्षा एजेंसियों ने फिर हमला बोला। इस बार यूपी समेत सात राज्यों में 230 से अधिक लोग या तो गिरफ्तार या हिरासत में लिए गए हैं। यूपी, कर्नाटक, गुजरात, दिल्ली, महाराष्ट्र, असम और मध्य प्रदेश में मंगलवार तड़के ही कार्रवाई शुरू की। सबसे ज्यादा 80 लोगों को कर्नाटक में जबकि 57 को यूपी में पकड़ा गया।
एनआईए को मिली खुफिया सूचना के मुताबिक, पिछली कार्रवाई के बाद पीएफआई की पूरे देश में प्रदर्शन व आतंकी घटनाओं के जरिये कानून-व्यवस्था बिगाड़ने और संवेदनशील इलाकों में अशांति फैलाने की साजिश थी। इसे देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने देशभर के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बल की तैनाती कर दी है। पीएफआई के खिलाफ शुक्रवार 22 सितंबर को हुई कार्रवाई में 16 राज्यों में 106 लोग गिरफ्तार किए गए थे।
कहां-कितने पकड़े
असम और महाराष्ट्र में 25-25 गिरफ्तारियां हुई। महाराष्ट्र में 15 लोग हिरासत में हैं। यहां गिरफ्तार लोगों में ऑल इंडिया इमाम काउंसिल के महाराष्ट्र प्रमुख मौलाना इरफान दौलत नदवी भी है। दिल्ली में 30 लोग हिरासत में हैं, तो मप्र में 21 और गुजरात में यह संख्या 10 है।
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पीएफआई पर प्रतिबंध की तैयारी
असम और यूपी समेत कई राज्यों से पीएफआई पर प्रतिबंध लगाने की बढ़ती मांग को देखते हुए केंद्र सरकार इस कट्टरपंथी इस्लामी संगठन को बैन कर सकती है। गृह मंत्रालय के सूत्र बताते हैं कि इस बारे में लंबे समय से तैयारी चल रही है और सुप्रीम कोर्ट में भी सरकार अपनी ऐसी मंशा पहले जता चुकी है।
आतंकी फंडिंग, युवाओं को भड़काने के ठोस सुबूत
एनआईए और ईडी के सूत्रों के अनुसार, पिछली कार्रवाई में पीएफआई द्वारा आतंकी फंडिंग, युवाओं को आतंकवाद व उग्रवाद में शामिल करने और हवाला के जरिये रकम की लेन-देन के ठोस सुबूत मिले हैं। ईडी ने गृह मंत्रालय को दी रिपोर्ट में बताया है कि खाड़ी के कई देशों में पीएफआई के सैकड़ों कार्यकर्ता सक्रिय हैं जो हवाला कारोबार में शामिल हैं। इस देशों में भी ऐसे कई ठिकानों की पहचान भी की गई है।
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प्रदेश में एटीएस व एसटीएफ ने 26 जिलों में बोला धावा
एटीएस, एसटीएफ व स्थानीय पुलिस टीमों ने मेरठ, लखनऊ, बुलंदशहर व सीतापुर समेत 26 जिलों में पीएफआई के खिलाफ धावा बोलकर 57 लोगों को हिरासत में लिया। एडीजी कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार ने बताया कि छापे में कई आपत्तिजनक दस्तावेज व सुबूत मिले हैं। इनके आधार पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी। पश्चिमी यूपी के गाजियाबाद में पीएफआई के यूपी प्रभारी परवेज के गांव कलछीना से एटीएस ने 12 लोगों को हिरासत में लिया है। वहीं, मुजफ्फरनगर से 6, शामली व बिजनौर से 5-5, मेरठ से 3, बुलंदशहर से दो, सहारनपुर से एक को दबोचा गया।
गोंडा-सीतापुर से 6-6 को पकड़े
गोंडा और सीतापुर से छह-छह और अयोध्या और बाराबंकी से दो-दो लोगों को हिरासत में लिया गया। वहीं सुल्तानपुर में इटकौली गांव से एसडीपीआई से जुड़े काजी शहाबुद्दीन को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। सीतापुर में खैराबाद, महमूदाबाद और रामपुर कला से छह संदिग्धों को उठाया। गोंडा में खोड़ारे थाना क्षेत्र के दो गांवों से छह लोगों को पकड़ा गया। अयोध्या के बीकापुर में दो सगे भाइयों बुफरान व मो. अकरम को दबोचा गया। सुल्तानपुर से सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया के सदस्य काजी शहाबुद्दीन को पकड़ा गया है। लखनऊ से सात हिरासत में लिए गए हैं। बीकेटी से छह और इटौंजा से एक को पकड़ा गया। यहां से प्राथमिक विद्यालय में सरकारी शिक्षक अब्दुल वाहिद और पीएचडी कर रहे उसके भाई माजिद को दबोचा गया।