फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Raid against PFI : पीएफआई की आतंकी फंडिंग पर सात राज्यों में कार्रवाई, 230 से अधिक दबोचे, यूपी से 57 गिरफ्तार

Wed, 28 Sep 2022 12:28 AM IST
ishwar ashish एएनआई, लखनऊ

सार

असम और महाराष्ट्र में 25-25 गिरफ्तारियां हुई। महाराष्ट्र में 15 लोग हिरासत में हैं। यहां गिरफ्तार लोगों में ऑल इंडिया इमाम काउंसिल के महाराष्ट्र प्रमुख मौलाना इरफान दौलत नदवी भी है। दिल्ली में 30 लोग हिरासत में हैं, तो मप्र में 21 और गुजरात में यह संख्या 10 है।
विज्ञापन
एनआईए के निर्देश पर हो रही छापेमारी। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कट्टरपंथी इस्लामी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया की आतंकी फंडिंग व अन्य गतिविधियों पर मंगलवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) समेत राज्य की सुरक्षा एजेंसियों ने फिर हमला बोला। इस बार यूपी समेत सात राज्यों में 230 से अधिक लोग या तो गिरफ्तार या हिरासत में लिए गए हैं। यूपी, कर्नाटक, गुजरात, दिल्ली, महाराष्ट्र, असम और मध्य प्रदेश में मंगलवार तड़के ही कार्रवाई शुरू की। सबसे ज्यादा 80 लोगों को कर्नाटक में जबकि 57 को यूपी में पकड़ा गया।

विज्ञापन


एनआईए को मिली खुफिया सूचना के मुताबिक, पिछली कार्रवाई के बाद पीएफआई की पूरे देश में प्रदर्शन व आतंकी घटनाओं के जरिये कानून-व्यवस्था बिगाड़ने और संवेदनशील इलाकों में अशांति फैलाने की साजिश थी। इसे देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने देशभर के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बल की तैनाती कर दी है। पीएफआई के खिलाफ शुक्रवार 22 सितंबर को हुई कार्रवाई में 16 राज्यों में 106 लोग गिरफ्तार किए गए थे।

कहां-कितने पकड़े
असम और महाराष्ट्र में 25-25 गिरफ्तारियां हुई। महाराष्ट्र में 15 लोग हिरासत में हैं। यहां गिरफ्तार लोगों में ऑल इंडिया इमाम काउंसिल के महाराष्ट्र प्रमुख मौलाना इरफान दौलत नदवी भी है। दिल्ली में 30 लोग हिरासत में हैं, तो मप्र में 21 और गुजरात में यह संख्या 10 है।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - Accident: एक झटके में थम गईं हंसती-खेलती दस जिंदगियां, हर तरफ सिसकियां और चीत्कार सुन कांप उठा कलेजा

ये भी पढ़ें - दर्दनाक मंजर: पेड़ पर अटकी ट्रॉली तालाब में डूबे लोगों पर गिरी...शरीर में घुसे बबूल के कांटे, जो दबा वो न बचा

पीएफआई पर प्रतिबंध की तैयारी
असम और यूपी समेत कई राज्यों से पीएफआई पर प्रतिबंध लगाने की बढ़ती मांग को देखते हुए केंद्र सरकार इस कट्टरपंथी इस्लामी संगठन को बैन कर सकती है। गृह मंत्रालय के सूत्र बताते हैं कि इस बारे में लंबे समय से तैयारी चल रही है और सुप्रीम कोर्ट में भी सरकार अपनी ऐसी मंशा पहले जता चुकी है।

आतंकी फंडिंग, युवाओं को भड़काने के ठोस सुबूत
एनआईए और ईडी के सूत्रों के अनुसार, पिछली कार्रवाई में पीएफआई द्वारा आतंकी फंडिंग, युवाओं को आतंकवाद व उग्रवाद में शामिल करने और हवाला के जरिये रकम की लेन-देन के ठोस सुबूत मिले हैं। ईडी ने गृह मंत्रालय को दी रिपोर्ट में बताया है कि खाड़ी के कई देशों में पीएफआई के सैकड़ों कार्यकर्ता सक्रिय हैं जो हवाला कारोबार में शामिल हैं। इस देशों में भी ऐसे कई ठिकानों की पहचान भी की गई है।


ये भी पढ़ें - दर्दनाक हादसे में 10 की मौत: धमाके की आवाज और चीख-पुकार सुनते ही दौड़े लोग, तालाब में कूदकर 13 की बचाई जिंदगी

Accident in Lucknow : ट्रक की टक्कर से 47 श्रद्धालुओं से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली तालाब में पलटी, दस की मौत

प्रदेश में एटीएस व एसटीएफ ने 26 जिलों में बोला धावा
एटीएस, एसटीएफ व स्थानीय पुलिस टीमों ने मेरठ, लखनऊ, बुलंदशहर व सीतापुर समेत 26 जिलों में पीएफआई के खिलाफ धावा बोलकर 57 लोगों को हिरासत में लिया। एडीजी कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार ने बताया कि छापे में कई आपत्तिजनक दस्तावेज व सुबूत मिले हैं। इनके आधार पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी। पश्चिमी यूपी के गाजियाबाद में पीएफआई के यूपी प्रभारी परवेज के गांव कलछीना से एटीएस ने 12 लोगों को हिरासत में लिया है। वहीं, मुजफ्फरनगर से 6, शामली व बिजनौर से 5-5, मेरठ से 3, बुलंदशहर से दो, सहारनपुर से एक को दबोचा गया।

गोंडा-सीतापुर से 6-6 को पकड़े
गोंडा और सीतापुर से छह-छह और अयोध्या और बाराबंकी से दो-दो लोगों को हिरासत में लिया गया। वहीं सुल्तानपुर में इटकौली गांव से एसडीपीआई से जुड़े काजी शहाबुद्दीन को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। सीतापुर में खैराबाद, महमूदाबाद और रामपुर कला से छह संदिग्धों को उठाया। गोंडा में खोड़ारे थाना क्षेत्र के दो गांवों से छह लोगों को पकड़ा गया। अयोध्या के बीकापुर में दो सगे भाइयों बुफरान व मो. अकरम को दबोचा गया। सुल्तानपुर से सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया के सदस्य काजी शहाबुद्दीन को पकड़ा गया है। लखनऊ से सात हिरासत में लिए गए हैं। बीकेटी से छह और इटौंजा से एक को पकड़ा गया। यहां से प्राथमिक विद्यालय में सरकारी शिक्षक अब्दुल वाहिद और पीएचडी कर रहे उसके भाई माजिद को दबोचा गया।
 


पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) क्या है?

पॉपुलर फ्रट ऑफ इंडिया यानी पीएफआई का गठन 17 फरवरी 2007 को हुआ था। ये संगठन दक्षिण भारत में तीन मुस्लिम संगठनों का विलय करके बना था। इनमें केरल का नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट, कर्नाटक फोरम फॉर डिग्निटी और तमिलनाडु का मनिथा नीति पसराई शामिल थे।

पीएफआई का दावा है कि इस वक्त देश के 23 राज्यों में यह संगठन सक्रिय है। देश में स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट यानी सिमी पर बैन लगने के बाद पीएफआई का विस्तार तेजी से हुआ है। कर्नाटक, केरल जैसे दक्षिण भारतीय राज्यों में इस संगठन की काफी पकड़ बताई जाती है। इसकी कई शाखाएं भी हैं।

इसमें महिलाओं के लिए- नेशनल वीमेंस फ्रंट और विद्यार्थियों के लिए कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया जैसे संगठन शामिल हैं।  यहां तक कि राजनीतिक पार्टियां चुनाव के वक्त एक दूसरे पर मुस्लिम मतदाताओं का समर्थन पाने के लिए पीएफआई की मदद लेने का भी आरोप लगाती हैं। गठन के बाद से ही पीएफआई पर समाज विरोधी और देश विरोधी गतिविधियां करने के आरोप लगते रहते हैं।
विज्ञापन

आपत्तिजनक दस्तावेज और सबूत जुटाए

एडीजी (कानून-व्यवस्था) प्रशांत कुमार के अनुसार छापे में कई आपत्तिजनक दस्तावेज और सबूत मिले हैं। इन सबूतों के आधार पर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।

निरंकुश सत्ता में ऐसा स्वाभाविक
पीएफआई ने कहा, हमें निशाना बनाने की केंद्र सरकार की कार्रवाई के खिलाफ लोकतांत्रिक विरोध को रोकने का यह प्रयासभर है और इस निरंकुश सत्ता में ऐसा होना स्वाभाविक ही है।

दिल्ली : शाहीन बाग और जामिया नगर में धारा 144
दिल्ली में पुलिस की विशेष शाखा ने कार्रवाई की कमान संभाली। कार्रवाई के विरोध में किसी तरह की हिंसा को रोकने और शांति कायम रखने के लिए अर्धसैनिक बलों की टुकड़ियों को तैनात किया गया था। शाहीन बाग और जामिया नगर जैसे इलाकों में धारा 144 लागू की गई है। वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, कई स्थानों पर छापे मारे हैं जिनमें शाहीन बाग और निजामुद्दीन भी शामिल हैं। अब तक 30 लोग हिरासत में लिए हैं। उन्होंने बताया, जांच जारी है। केस नहीं दर्ज किया है।

महाराष्ट्र : इमाम काउंसिल राज्य प्रमुख गिरफ्तार
नासिक पुलिस की अपराध शाखा ने ऑल इंडिया इमाम काउंसिल के राज्य प्रमुख मौलाना इरफान दौलत नदवी को पीएफआई से जुड़े होने  पर गिरफ्तार कर लिया।  एक और शख्स को भी गिरफ्तार किया गया है।

जल्द प्रतिबंध की तैयारी
केंद्र सरकार असम व यूपी समेत कई राज्यों से पीएफआई पर प्रतिबंध लगाने की बढ़ती मांग को देखते  हुए जल्द पाबंदी लगा सकती है। गृह मंत्रालय के सूत्र बताते हैं कि इस बारे में लंबे समय से तैयारी चल रही है। सुप्रीम कोर्ट में भी सरकार अपनी ऐसी मंशा पहले जता चुकी है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें