बहुमंजिला आवासीय व कॉमर्शियल संपत्तियों की रजिस्ट्री के दौरान एलडीए या आवास विकास परिषद से मंजूर नक्शा, भवन निर्माण परमिट संख्या और कम्प्लीशन सर्टिफिकेट भी लगाना होगा।
इन दस्तावेज के बिना इनकी रजिस्ट्री नहीं हो सकेगी। 15 दिसंबर से प्रस्तावित नए डीएम सर्किल रेट के साथ ही यह व्यवस्था भी लागू हो जाएगी।
निबंधन विभाग भू-संपत्तियों की खरीद-फरोख्त में फर्जीवाड़े पर लगाम कसने के लिए यह कदम उठाने जा रहा है। कर निबंधन के अफसरों के मुताबिक रजिस्ट्री के दौरान अब विभागीय स्तर पर डीड ड्राफ्ट व भवन का नक्शा तैयार करने वाले का नाम, पता व मोबाइल नंबर दर्ज कराया जाएगा।
रजिस्ट्री कराई जाने वाली संपत्ति तक पहुंचने के मार्गदर्शक मानचित्र, (नक्शा नजरी) के साथ ही संपत्ति पर निर्माण होने की दशा में निर्माण कार्य का पूरा स्वीकृत मानचित्र और निर्मित क्षेत्र का फोटोग्राफ लगाना होगा। मान्य आनुपातिक भूमि का क्षेत्रफल अंकित करना जरूरी होगा।