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जेलर हत्याकांड में हाथ लगे अहम सुराग

Tue, 26 Nov 2013 10:29 AM IST
टीम डिजिटल/वाराणसी
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पुलिस डिप्टी जेलर अनिल त्यागी हत्याकांड का राजफाश करने के करीब पहुंच गई है।
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जिस जिम के सामने हत्या हुई उसके और जिला जेल के क्लोज सर्किट टीवी कैमरों के फुटेज से पुलिस को अहम सुराग मिले हैं।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश डी. मोडक ने दावा किया है कि जल्द ही कातिलों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

शासन ने भी तीन दिन के भीतर हत्यारों को गिरफ्तार करने का अल्टीमेटम दिया है।

चिह्नित बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए ताबड़तोड़ छापे मारे जा रहे हैं। इस बीच एडीजी ने पत्रकार बनकर घटना स्थल से अहम सूचनाओं का संग्रह किया।

डिप्टी जेलर हत्याकांड का पर्दाफाश करने के लिए शासन से अल्टीमेटम मिलने के बाद सोमवार को यातायात पुलिस लाइन में एसएसपी ने अधीनस्थों की बैठक बुलाई।

पढ़ें-तो इसलिए की गई डिप्टी जेलर की हत्या

उन्होंने मामले के हर पहलू पर विचार करके अपराधियों तक पहुंचने को कहा। बाद में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने दावा किया कि सीसीटीवी फुटेज से अहम जानकारियां मिली हैं।

जिला जेल में बंद अपराधियों से पूछताछ और उनसे हाल के दिनों में मुलाकात करने वालों के सीसीटीवी फुटेज से जो जानकारियां हासिल हुई हैं उससे पता चलता है कि जेल से संगठित अपराध संचालित हो रहे हैं। इस हत्याकांड में जेल से जुड़े लोग भी शामिल हो सकते हैं।
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एसएसपी ने बताया कातिलों को पकड़ने के लिए एसटीएफ, एसओजी, क्राइम ब्रांच के अलावा पुलिस की पांच टीमें लगाई गई हैं। प्रदेश भर में छापेमारी की जा रही है।

इसके अलावा एसटीएफ जिला जेल और दीनदयाल अस्पताल के समीप के मोबाइल टावरों के काल डिटेल से मिले संदिग्ध लोगों के नंबरों को सर्विलांस पर लेकर भी जांच की जा रही है।
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इसकी मानटरिंग डीआईजी रेंज ए. सतीश गणेश कर रहे हैं। एडीजी जीएल मीणा ने स्वीकार किया कि शासन ने हत्याकांड का शीघ्र खुलासा करने का निर्देश दिया है।

ऑटो से घूमे एडीजी
एडीजी/आईजी जीएल मीणा सोमवार को पूरी दोपहर वरुणापुल से होकर शहर के विभिन्न इलाकों में गुपचुप भ्रमण करते रहे। ऑटो में बैठकर घटना स्थल पर पहुंचे।

खुद को दिल्ली का पत्रकार बताते हुए उन्होंने एक चाय की दुकान पर जाकर लोगों से घटना के बारे में जानकारी हासिल की।

उसके बाद वह चश्मे की दुकान पर पहुंचे। वहां उनका मोबाइल फोन छूट गया था। जब वह उसे लेने दोबारा पहुंचे तो दुकानदार ने मोबाइल देने से मना कर दिया। बाद में उनका फालोवर दुकान पर पहुंचा और मोबाइल लेकर आया।
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