बारिश से फसलें भी हुईं प्रभावित।
- फोटो : अमर उजाला
बारिश से खेती-किसानी भी प्रभावित होगी। चन्द्रभानु गुप्त कृषि स्नातकोत्तर महाविद्यालय के कृषि विशेषज्ञ डॉ. सत्येंद्र कुमार सिंह कहते हैं कि जहां पर किसानों ने गेहूं की समय पर बोवाई कर ली थी. एक सिंचाई भी कर दी है, इस बरसात से अधिक पानी हो जाने पर गेहूं की वृद्धि एवं विकास प्रभावित होगा। आलू की फसल पर अगेती झुलसा का प्रकोप बढ़ेगा। अभी बहुत से किसानों ने ज्वार, बाजरा, शांवा एवं कोंदो की कटाई नहीं की है, ये फसलें प्रभावित होगी। अधिक बरसात और जल भराव के कारण सरसों की फसल भी प्रभावित होगी।
हल्की धूप निकलते ही आलू पर करें छिड़काव
डॉ. सिंह के मुताबिक, हल्की धूप निकले उस समय किसानों को सलाह दी जाती है कि दवा के छिड़काव से झुलसा पर नियंत्रण होगा। जिन किसानों ने पपीते की पौध रोपाई कर रखी है जल निकास की उचित व्यवस्था करें। जब तक मौसम सही ना हो कीटनाशक एवं फफूंदी नाशक का छिड़काव ना करें, जिन किसानों ने प्याज, टमाटर, बैंगन, गोभी एवं पत्ता गोभी की नर्सरी डाल रखी है नर्सरी को पॉलिथीन से ढक कर रखें । अधिक बरसात होने से चना, मटर, मसूर, मटर की फसल प्रभावित होगी।
आम फल पट्टी के लिए बारिश फायदेमंद
यह बारिश आम बागवानों के लिए काफी फायदेमंद है। मलिहाबाद फल पट्टी क्षेत्र के बागवान का कहना है कि इससे बागों की सिंचाई हो जाएगी व तापमान कम होने से बौर समय पर निकलेगा। निर्मल वर्मा, बशर के मुताबिक बारिश से आम के पेड़ों में लगा जाला कीट खत्म हो जाएगा। चंद्रभानु गुप्त कृषि स्नातकोत्तर महाविद्यालय के कृषि विशेषज्ञ डॉ. सत्येंद्र कुमार सिंह कहते हैं कि इस बारिश से गेहूं की फसल प्रभावित होगी। आलू की फसल पर अगेती झुलसा का प्रकोप बढ़ेगा।