फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lucknow News: मौसम में बदलाव का असर, लगातार बढ़ रहे सब्जियों के दाम

विज्ञापन
नरही ​​स्थित सब्जी की दुकान।
विज्ञापन
लखनऊ। बदलते मौसम व फसलों के घटते रकबे की वजह से सब्जियों के दाम काबू में नहीं आ रहे हैं। प्याज और टमाटर की कीमतें भी डेढ़ गुनी तक पहुंच गई हैं। वहीं, हरी सब्जियों के भी दाम बढ़े हैं। सबसे ज्यादा लहसुन और अदरक महंगी हुई है। कारोबारी बताते हैं कि कई जगह बारिश और जलभराव से सब्जियों की आवक घटी है, आगे महंगाई और भी बढ़ सकती है।
विज्ञापन

निशातगंज सब्जी मंडी के व्यापारी अनीस बताते हैं कि जो टमाटर हफ्ता दस दिन पहले 35-40 रुपये किलो था, वह अब 50-60 रुपये किलो तक पहुंच गया है। प्याज भी 30-35 रुपये से बढ़कर 45-50 रुपये किलो तक पहुंच गया है। 100-120 रुपये किलो वाली अदरक 200 रुपये किलो की हो गई है। लहसुन भी 150 रुपये से बढ़कर 260-300 रुपये किलो तक पहुंच गया है। नरही के सब्जी दुकानदार बताते हैं कि यहां भले ही बारिश नहीं हुई है, लेकिन बाहर सब जगह बारिश हो रही है, जिससे आवक कम है, इसीलिए दाम बढ़ रहे हैं। 25 रुपये किलो वाला आलू 30 रुपये, परवल 60 से 100, भिंडी 30 से 40, तोरई व लौकी 20 से 30 रुपये में है तो फूल गोभी 80 से 100 रुपये तक हुई है।
.. तो इसलिए महंगी हो रहीं सब्जियां
बख्शी का तालाब स्थित चंद्र भानु गुप्त कृषि महाविद्यालय के कृषि विशेषज्ञ डॉ. सत्येंद्र सिंह बताते हैं कि बारिश बहुत अच्छी नहीं हो रही है, जिससे खाली हुए खेतों में किसानों ने खीरा, करेला, कद्दू आदि बोए, लेकिन गर्मी से वह सूख गई। टमाटर की गर्मी वाली कोई प्रजाति नहीं है, जिससे यह गर्मी में बहुत सर्वाइव नहीं कर पाता। इसलिए महंगाई आती है। नई फसल की बुआई के लिए किसानों ने नर्सरी तैयार करा ली है, लेकिन बारिश अनुकूल न होने के कारण बुआई पीछे जा रही है।
विज्ञापन

पिछले साल अच्छा उत्पादन, इस बार रकबा घटा
डॉ. सत्येंद्र सिंह बताते हैं कि अदरक मुख्य रूप से बहराइच के गंगापुर और बिहार से आती है। पिछली बार उपज अच्छी थी, लेकिन जलभराव व रकबा घटने से यह महंगी हुई है। अदरक की नई प्रजातियां भी नहीं आ पा रही हैं। ललितपुर, झांसी में भी अदरक का रकबा कम हुआ है। बुआई का समय भी खत्म होने को है। इसी तरह प्याज की बरसात वाली फसल हल्की रही। फतेहपुर, गाजीपुर, जौनपुर, कन्नौज, फर्रुखाबाद से आने वाली प्याज का रकबा भी कम हुआ है। खरीफ की प्याज अपने इधर नहीं होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें